सोमवार, 1 सितंबर 2025
दाग धुलते है..
रविवार, 31 अगस्त 2025
प्यार की पांति..इक तुम्ही थी..
शनिवार, 30 अगस्त 2025
प्यार की पांति..तुम्हारा अक्स..
बुधवार, 27 अगस्त 2025
गणेश जी क्यों पूजनीय है..??
वक्र तुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ:।
निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभ कार्येषु सर्वदा ॥
ये मंत्र आपने जरूर कभी-न-कभी सुना होगा,क्या आपने कभी इस मंत्र का मतलब जानने का कोशिस किया है..??
"हाथी जैसे विशालकाय जिनका तेज सूर्य के सहस्त्र किरणों के समान है।आप हमेशा मेरे कार्य को बिना विघ्न के पूरा करें,एवं सदा ही मेरे शुभ की कामना करें..।"
उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार गणपति शब्द का उपयोग ऋग्वेद(2.23.1) में मिलता है। वहीं "अमरकोश" में गणपति के आठ पर्यायवाची नाम मिलते है। विनायक, विघ्नराज,द्वेमातुर, गणाधिप, एकदंत,हेरम्बा, लंबोदर एवं गजानन..।
विनायक नाम का उल्लेख अनेक पुराणों एवं बौद्ध पुस्तको में मिलता है..।
तमिल भाषा मे गणेश जी को पिल्लई या पिल्लैयार नाम से जाना जाता है।
वही बर्मा मे गणेश जी को "महा पेइने" और थाईलैंड में "खानेट" नाम से जाना जाता है..
गणेश जी सिर्फ भारत मे ही नही बल्कि अफगानिस्तान से लेकर पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में पूजे जाते थे..उनकी अनेक छवियां चीन में भी मिले है..।।
6ठी शताब्दी से गणेश जी की मूर्ति भारत के कई क्षेत्र में बनने लगे और ये धीरे-धीरे अनेक क्षेत्र में बनता गया..।।
मंगलवार, 26 अगस्त 2025
आखिर जीत कुत्ते की हुई..
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR से आवारा कुत्ते को हटाने का आदेश दिया था मगर कुछ कुत्ते प्रेमी और NGO सड़क पे उतर आए..खूब कोहराम मचा..अंत में मुख्य न्यायाधीश को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने 3 जजों की स्पेशल बेंच का गठन किया...
3 जजों ने निर्णय दिया कि किसी कुत्ते को दिल्ली-NCR से हटाया नही जाएगा,बल्कि सबों का नसबंदी करके उसी जगह पर छोड़ दिया जाएगा..।।
क्या कुत्ता इतना बड़ा समस्या बन गया कि,हमारे सुप्रीम कोर्ट को दखलंदाजी करना पड़ा..??
PIB(press information bureau) के अनुसार 2022 में 21.89 लाख कुत्ते के काटने का मामला आया था जबकि 2024 में 37.15 लाख..
WHO के अनुसार हरेक साल 55 हजार से ज्यादा मौत रेबीज़ से होता है,इसमें से मरने वाला हरेक तीसरा भारतीय होता है..।।
क्या आपको पता है..??
सबसे पहला पालतू पशु कौन था..??
सबसे पहला जीव जो पृथ्वी के ऑर्बिट में गया..??
इंसानो और कुत्तों के बीच मे दोस्ती का सिलसिला लगभग 20-40 हज़ार के आसपास से है..।
जब मानव अपने बदलाव के चरण में थे उसी समय कुछ भेड़ियों में भी हार्मोनल बदलाव आना शुरू हुआ..।जिस कारण ये मानव के करीब आये..और मनुष्य ने शायद अपना बचा हुआ मांस का टुकड़ा इन्हें दिया होगा और ये तब से इनके आसपास रहना शुरू कर दिए होंगे...और बदले में ये शिकार में मदद करते होंगे..।
जेनेटिक टेस्टिंग से पता चला है कि 90% कुत्ते सिर्फ 3 मादा भेड़िये से विकसित हुये..🤔
मानव और कुत्ते के बीच मे संबंध का एक बड़ा कारण हार्मोनल है..जब इंसान या कुत्ते एक दूसरे के आंख में देखते है तो ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन का स्त्राव होता है..जो एक दूसरे के लगाव को बढ़ाता है..।।
सिंधु सभ्यता से लेकर मेसोपोटामिया के कब्र से अनेक साक्ष्य मिले है जंहा इंसान के साथ कुत्तों को दफनाया गया है..।।
ये इतने सालों से हमारे साथ रह रहे है कि ये हमारे समाज ही नही बल्कि हमारे सुख-दुःख का भी हिस्सा बन चुके है..।।
शायद इसलिय जब सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा कदम उठाया तो लोग विरोध पर उतर आया..मगर ये भी हमें देखना होगा कि,कुत्ते के काटने की घटना दिनप्रतिदिन बढ़ती जा रही है..।।
इससे निदान के अनेक उपाय है...
•अगर सच मे आप कुत्ता प्रेमी है तो आप देसी नस्ल का कुत्ता पालिये..।
•सड़क चौराहे पे खिलाने के जगह उसे अपने घर या दरवाजे के सामने खिलाये..।
•इन्हें नियमित टीकाकरण करवाये..।।
मगर ये आसान नही तो मुश्किल भी नही है...
मगर इन आवारा कुत्ते से अनेक देश ने निजात पाई है भारत भी अगर चाहे तो निजात पा सकता है..इन कुत्तों का नसबंदी करके..सिंगापुर, स्वीडन,भूटान ने कर दिखाया है..।।
अब सुप्रीम कोर्ट के दखलंदाजी से जरूर कुछ बदलाव आएगा..।।
"कुत्ते समस्या नही है,बल्कि हम ही समस्या है...हम इतने बड़े समस्या है कि,आज प्रकृति कराह रही है..मालूम नही प्रकृति हम मानवों के साथ क्या करेगी..।"
शनिवार, 23 अगस्त 2025
क्या आपके साथ अच्छा होता है..??
बुधवार, 20 अगस्त 2025
भारत में कंप्यूटर और सूचना क्रांति के जनक...
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क्या सोच रहे हो तुम..?? यही सोच रहा हूँ कि.. क्या सोच रहा हूँ मैं..। सच कहूं तो.. कुछ तो सोच रहा हूँ मैं... मगर अफसोस क्या सोच रहा हूँ.. यह...
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हम सब खास(special) दिखना चाहते है.. मगर सवाल है क्यों..?? इसका सबसे बड़ा कारण है कि हम स्वयं को खास समझते ही नही..। जब हम स्वयं को खास समझने ...
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अतीत से लेकर वर्तमान तक,हम सभी दुःखो से घिरे हुए है.. आखिर क्यों..?? इस क्यों का जबाब हम अतीत से ही ढूंढते आ रहे है..हमारे ऋषियों-मनीषियों न...














