बुधवार, 15 जुलाई 2026

कैसे हो..

तुम्हारा हाल पूछने का मन करता है..
मगर ड़र लगता है..
कंही तुम्हारा जबाब न आये,तो..
मेरे हाल का..
क्या हाल होगा..?

यही सोचकर..
तुम्हारा हाल पूछने का मन नही करता..।
मगर फिर भी..
तुम्हारा हाल पूछने का मन करता है..।।
कैसे हो..??



इंडियन वुमन..

स्त्री क्यों असहाय होती है..?
स्त्री असहाय नहीं..
बल्कि हमारी सोच ही निकृष्ट होती है..।

बहन कैसे अपना सबकुछ छोड़ कर..
यानि अपना नाम तक...छोड़ कर
दूसरे का घर बसाने चली जाती है..?
किसी की बीवी बन कर उसके दुनियां को सजाने लगती है..
फिर दादी-नानी बनकर पूरा कुनबा संभालने लगती है..।
आखिर फिर भी वो असहाय क्यों है..??


सोमवार, 13 जुलाई 2026

मौन

मौन हमें..

मृत बना देता है..

या फिर मृत्यु से परे पहुंचा देता है..।

मगर आप मौन क्यों है..??

ये मायने रखता है..।

क्या आप मौन वर्तमान परिस्थितियों के कारण है..?

या फिर मौन का प्रस्फुटन स्वयं ही हुआ है..?


अगर मौन का प्रस्फुटन स्वयं ही हुआ है, 

तो..

आपका मौन खुशबू की तरह पूरे फिजा में फैल कर,

सबको आनंदित करेगा..।


अगर आप मौन अपने विपरित परिस्थितियों के कारण है,

तो..आपका मौन सिर्फ आपको ही नही,

बल्कि आपके आसपास वाले को भी अमावास की रात की तरह भयावह बना देगा.।।



शुक्रवार, 10 जुलाई 2026

आप स्वयं जिम्मेदार है..

आप स्वयं जिम्मेदार है..
अपने हरेक परिस्थितियों के लिए..।
अगर आप स्वयं को बर्बाद कर सकते है तो...
आप स्वयं को आबाद भी कर सकते है..।।
आपके पास हमेशा एक मौका होता है..
स्वयं को बदलने का..
बस आपको तैयार रहना होता है..
क्या आप तैयार है..??
दुनिया आपका इंतजार कर रहा है..
आप वो नही है..
जो आप दिख रहे है..
आप वो है..
जो आप नही दिख रहे..।

स्वयं को बदलिए..
स्वयं के लिए..
स्वयं से आत्मसाक्षात्कार के लिए..।
कबतक स्वयं को स्वयं से धोखा देते रहेंगे..
कंही ऐसा न हो कि..
स्वयं से ही स्वयं को नफरत हो जाये..।।
आपके पास अभी भी समय है..
स्वयं को बदलने का..।।



गुरुवार, 9 जुलाई 2026

हम चले थे जिसे ढूंढने..

हम चले थे जिन्हें ढूंढने..
उनका कोई पता नहीं है..
जो पता है भी,
उस पता पे,
उनका कोई पता नही है..।
हां उस पता पे उनके होने का,
कुछ अहसास तो है..।

हम जिसे खंगाल रहें थे..
वेद,पुराण ग्रंथों में,
उसमें,उनके होने का कोई प्रमाण नही है..
मगर उनका अहसास तो है..।

क्या वो है..??
ये सवालिया निशान ही..तो,
उनके होने का प्रमाण है..।
 
हमारी क्षमता ही सीमित है..
और वो असीमित है..
इसीलिए सिर्फ उनके होने का अहसास है..
जिस रोज हमारी क्षमता विस्तृत हो जाएगी..
उस रोज उनसे मुलाकात हो जाएगी..।।

हम चले थे जिन्हें ढूंढने..
उनका कोई पता नहीं है..
जो पता है भी,
उस पता पे,
उनका कोई पता नही है..।
हां उस पता पे उनके होने का,
कुछ अहसास तो है..।



बुधवार, 8 जुलाई 2026

तुम सागर हो..

तुम सागर हो..
मैं बारिश की बूंद हूँ..
मैं तुझसे ही निकलकर..
तुझमें ही हर बार मिल जाता हूँ..।
तुम सागर हो..
मैं बारिश की बूंद हूँ..।

बिना तेरे मेरा क्या अस्तित्व है..
मगर जब-जब मैं,
संघनित होता हूँ..
अपना अस्तित्व ही भूल जाता हूँ..।
लील जाता हूँ..
कई नदियों,तालाबों और मैदानों को..
और फिर तुममें ही..
समाहित हो जाता हूँ..।
तुम सागर हो..
मैं बारिश की बूंद हूँ..।



मंगलवार, 7 जुलाई 2026

दूरियां..

कभी-कभी दूरियां बनाना भी बेहतर है..
जिससे उन्हें, हमारी कमियां का अहसास हो..।
क्या सच में,
उन्हें हमारी कमियां का अहसास भी होगा..
अगर होगा..
तो वो ढूंढते-ढूंढते जरूर आएंगे..।

चलो एक बार देखते है..
उनसे दूरियां बनाके..
और ये अहसास करके..
क्या उनके भी जिंदगी में..
मेरी कुछ अहमियत है भी,या नही..।

मित्र..