क्या होना चाहता था,
और क्या हो गया मैं..
कंहा जाना चाहता था..
और कंहा आ गया मैं..।
क्या अब भी कोई उम्मीद बची हुई है..
तो हां अभी भी बहुत उम्मीद बची हुई है..
आपके पास अभी भी उतना समय है कि..
आप जो होना चाहते थे वो हो सकते है..
तो उदास मत होइए..
और जो हो सकता है..
वो सब कुछ कीजिये..
चाहे जैसे भी हो..
अपने लक्ष्य को हासिल कीजिये..।।
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