तुझे चाहने वाला..।
मगर में नादान समझ नही पाया..
मुझ जैसे कई है तुझे चाहने वाले..।।
हर बार मैं ही तेरे करीब जाता हूँ..
मुझे याद नही..
तुम आखरी बार करीब कब आई..
मैं तुझसे जुड़कर पूर्ण होना चाहता हूँ..
मगर तुम तो पहले से ही पूर्ण हो..।।
मुझे लगा मैं ही हूँ ,
तुझे चाहने वाला..।
सोचता हूँ तुमसे दूरियां बनाऊ..
मगर मैं,तुम्हारे मकड़ जाल में फंस गया हूँ..
तुमसे दूर जाकर भी..
तुमसे दूर नही जा पाऊंगा..
मगर किसी किनारे पे रहकर..
तुमसे दूरियां बना के रखूंगा..।
किसी दिन तुम उस किनारे पे आओगी..
जिस किनारे पे रहकर मैं..तुम्हे याद कर रहा होऊंगा..।।
तुम धीरे से मेरे कंधे पे हाथ रखोगी..
और मैं कंही खो जाऊंगा..।।
मुझे लगा मैं ही हूँ ,
तुझे चाहने वाला..।

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