मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

खुद के बारे में सोचो..

खुद के बारे में सोचो..
आखिर तुम कर क्या रहे हो..??
क्या यही सोच के तुम बड़े हुए हो..??
खुद के बारे में सोचो..
तुम कर क्या रहे हो..??
क्या अपने सोच से..
तुमने समझौता कर लिया है..
अगर,हां..??
तब ठीक है..
तुम जैसे जी रहे हो..
वैसे जियो..।

अगर,नही...
तो धिक्कार है,तुमपे..
तुम अबतक आखिर कर क्या रहे हो..??
सिर्फ सोचने से क्या होता है..
वो पैर जो जकड़ चुके है..
उसे हिलाओ,डुलाओ..
और अपने सोच को साकार करने के लिए..
उस और कदम बढ़ाओ..।।



न तुम आलसी हो..
न ही तुम कायर हो..
न ही तुम निर्लज्ज हो..
न ही तुम नकारा हो..।
तुम में वो सबकुछ है..
जिससे तुम अपने सपने को 
साकार कर सकते हो..
तो फिर आखिर क्यों..??
अपना जिंदगी बर्बाद कर रहे हो..??
खुद के बारे में सोचो..
आखिर तुम कर क्या रहे हो..??

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें