गुरुवार, 17 नवंबर 2022

आज वो फिर रोएगी..

आज वो, फिर रोएगी..

मुझसे कंही ज्यादा,

क्योंकि मुझसे कंही ज्यादा उसने मेहनत की है..

मैं तो अपनी खामियां जानकर खुद को समझा लूंगा..

मगर वो खुद को कैसे समझाएगी..।।

बेवजह उस खुदा पे, और अपने कर्मों पे खिजेगी वो,

कैसे कहु मैं..

मैं अपनी असफलताओं के लिए, खुद ही जिम्मेदार हूँ..।।

आज वो फिर रोएगी,

मुझसे कंही ज्यादा..।।


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