सोमवार, 29 जून 2026

खुद को बदलना..

कुछ लोग इतिहास बदलते है..
और कुछ लोग खुद को बदलते है..
अक्सरहाँ वही लोग इतिहास बदलते है..
जो खुद को बदलते है..।।

मगर खुद को बदलना इतना आसान कंहा है..
अगर आसान होता तो..
इतिहास में गिने चुने का ही नाम क्यों होता..।।
ये वही गिने-चुने है..
जिसने खुद को बदला..
और इतिहास ने उन्हें स्थान दिया।।



रविवार, 28 जून 2026

काबिल बनो..

खुद को काबिल बनाओ इतना..
कितना..??
जब आइने में चेहरा देखो..
तो किसी चीज का अफसोस न रहे..
इतना..।।



उम्मीद की किरण

खुद के लिए नही बदल सकते तो..
कम से कम उनके लिए खुद को बदलो..
जो आपमें उम्मीद की किरण देखते है..।

उन उम्मीदों की किरण को तो..
न बुझने दो..
जो वर्षों से किसी ने जलाए रखे है..।

यू ही कोई किसी से उम्मीद नही रखता..
जब तक कि उसे..
कोई उम्मीद की किरण न दिखें..।

तुम में कोई न कोई उम्मीद की किरण दिखी ही होंगी..
इसिलिय तो लोगों ने..
तुमसे उम्मीद जगा रखी है..
उन उम्मीद को टूटने मत दो..।।

तुम में कुछ तो है..
जो औरों को दिखता है..
सिर्फ तुम्हें नही दिखता..
अपने अंदर झांको..
किरणों की पुंज लालायित है बिखरने को..।।

खुद के लिए नही बदल सकते तो..
कम से कम उनके लिए खुद को बदलो..
जो आपमें उम्मीद की किरण देखते है..।




बुधवार, 24 जून 2026

कोई नही है अपना..

दुनिया बहुत बेरहम है..
जो आपके साथ है..
वो भी आपके साथ नही है..
क्योंकि साथ रहने से..
थोड़े ही कोई साथ रहता है..।

हम ही भ्रम में जीते है..
हमारे साथ वो है..वो है..
का गुणगान करके यू ही जिंदगी जीते है..
जब वक़्त आता है..
तो उन "वो"में से कोई भी साथ नही आता..
जो अपने है..
वो ही साथ आते है..।

आखिर ये अपने है कौन..??
अपने वही है..
जिनके जीवन में आपने योगदान दिया है..
जितना योगदान दिया है,
उतने ही वो,
अपने है..
सच कहूं..तो कोई नही है अपना..
सिर्फ एक के सिवा..
उनमें अपना निवेश करें..
उनपे अपना सर्वस्व न्यौछावर करें..
अपना वागडोर ही उनको दे दो..
क्योंकि कोई नही है..
इस जग में उनके सिवा..।।




सोमवार, 22 जून 2026

तुम्हारा ख्याल आया..

मालूम नहीं क्यों..
आसमां में बिखरते हुए बादल को देख के..
मेरे जेहन में तुम्हारा ख्याल आया...।

👩🏻क्या ख्याल आया..??

👦🏻यही..

👩🏻यही क्या..??

👦🏻अबे सोचने तो दो..

👩🏻ठीक है..तुम सोचो में जा रही हूं..
जब ख्याल आ जाए..तो उन बिखरते हुए बादल को बता देने..
वो भटकते-भटकते मुझ तक पहुंच जाएंगे..और बारिश की बूंद में बदल कर मुझसे बयां कर जाएंगे..।।




मैं ही हरदफ़ा

मैं ही हरदफ़ा बात क्यों बढ़ाऊ..
कभी-कभी तुम भी तो बात बढ़ाओ..।
मैं ही हरदफ़ा तुम्हारे पास आने का बहाना क्यों ढूंढू..
कभी-कभी तुम भी तो कोई बहाना ढूंढो..।

मैं ही क्यों इस गलतफहमी में रहू..
जो मैं सोच रहा हूँ..
वो भी तू सोच रही है..।
इस गलतफहमी से निकलकर क्यों ना,
मैं आगे बढ़ जाऊ..।

मैं ही हरदफ़ा बात क्यों बढ़ाऊ..
कभी-कभी तुम भी तो बात बढ़ाओ..।


सोमवार, 15 जून 2026

बप्पा..

मैं उनसे नजरें चुरा रहा था..
और वो..
मुस्कुरा रहे थे..।
क्योंकि मैं जिधर देखूं..
उधर सिर्फ..
वो-ही-वो नजर आ रहे थे..।
कुछ देर बाद..
अपनी मूर्खता पे हंसी आई...
जिसे देखने को लोग ताउम्र गवां देते है..
वो हमें चहु और दिख रहे थे..
और मैं..
उनसे नजरें चुरा रहा था..।।



खुद को बदलना..