गुरुवार, 23 जुलाई 2026

लड़ाई जारी है..

लड़ाई जारी था..

लड़ाई जारी है..

और लड़ाई जारी रहेगा..

​जब-जब सत्ताशीन अहंकारी और सत्ता के नशे में चूर होंगे..

तब-तब लोग सड़कों पे उतरेंगे..

और उनकी औकाद बतायेंगे..

​तुम जनता से हो, और

जनता के लिए हो..।

 


बुधवार, 22 जुलाई 2026

दूरियां..

मैंने तो बहुत कोशिस की तुम्हारे पास जाने को..
मगर तुम्हीं दूरियां बनाती गई..
मैं तब भी नजदीकियां बढ़ाता गया..
मगर तुमने इतनी दूरियां बना ली..
की अब तुम्हारे करीब आने का मन नही करता..।
क्योंकि तुम्हारा मन चाहता ही नही..
की मैं तुम्हारे करीब आऊ..।



कौन अच्छा,कौन बुरा..

मैं कैसे किसी में बुराइयां देखूं..
जब मुझमे ही ढेर सारी कमियां है..।
यंहा बुरा कौन..
और अच्छा कौन है..??
सब परिस्थितियों के मारे है..
जो आज बुरे है..
हो सकता है,
वो कल अच्छे हो जाये..।
और जो आज अच्छे है,
हो सकता है,
वो कल बुरे हो जाये..।।

मंगलवार, 21 जुलाई 2026

मित्र..

मैं ऋणी हूँ तुम्हार मित्र..
और उऋण भी नही होना चाहता..।
क्योंकि अगर फिर जन्म हो..
तो तुम्हारा ऋण चुकाने के बहाने..
तुमसे अगले जन्म में भी,
फिर से मुलाकात हो..।
मैं ऋणी हूँ तुम्हारा मित्र..।



सोमवार, 20 जुलाई 2026

शतरंज..

मेरी जिंदगी में ♟️शतरंज♟️ की बहुत अहमियत है..
जब भी हताश और निराश होता हूँ..
तो ♟️शतरंज♟️ खेलता हूँ..।

जब जीतता हूँ..
तो कुछ नही सीखता..।
मगर जब हारता हूँ..
तो बहुत कुछ सीखता हूँ..।।

चलिये एक चाल चलते है..
और जिंदगी के हताशाओं और निराशाओं को,
पीछे छोड़ते है..।।



रविवार, 19 जुलाई 2026

कमियां

मुझमें भी अभी है..
ढेर सारी कमियां..
क्योंकि..
मुझे दूसरों में दिखती है कमियां..।
क्या करूँ..
कैसे दूर करू..
अपनी कमियां..।
शायद दूसरों की खूबियां स्वीकार कर..
और उनके कमियों को दरकिनार कर..।

और अपनी गलतियां स्वीकार कर,और उसे सुधार कर..।
शायद अपने गलतियों को दूर किया जा सकता है..।







मूवी : श्रीकांत..

72 वाँ राष्ट्रीय अवार्ड के लिए बेस्ट मूवी के लिए "श्रीकांत" मूवी को चुना गया..।




ये मूवी श्रीकांत बोल्ला के जीवन पर आधारित है,जो बचपन से ही अंधे थे..।

मगर उन्होंने जिंदगी में वो मुकाम हासिल किया जो भारत की 95% से ज्यादा आबादी उस मुकाम को हासिल नही कर सकते..।


- अभी भी साइंस स्ट्रीम लेकर कितने लोग पढ़ते है..

- भारत के कितने लोगों को MIT(विश्व की सबसे अग्रणी इंजीनियरिंग संस्थान) में पढ़ने का मौका मिलता हूं..।

- भारत के कितने लोग सफल एंटरप्रेन्योर(उद्यमी) बनते है..।


उन्होंने वो सब हासिल किया जो वो पाना चाहते थे..उसके लिए उन्होंने मेहनत किया..और उन्हें अच्छे लोगों का साथ मिलता रहा..।


हममें से अक्सरहाँ लोग कुछ करना तो चाहते है..मगर करते नही..अगर करते है,तो उसे मुकाम तक नही पहुंचा पाते..।।


इसी फ़िल्म में A.P.J अब्दुल कलाम सर् की एक लाइन है..

"अच्छा करो,अच्छे लोग खुद-व-खुद मिलते रहेंगे.."।


इस फ़िल्म के बारे में कहें तो फ़िल्म का मुख्य पात्र अपने परिस्थितियों का रोना कभी नही रोता..शायद इसिलिय वो सफल हुए..

मगर हम आप अपने परिस्थितियों का अक्सरहाँ रोना रोते है..मगर उस परिस्थितियों का समाधान नही ढूंढते..।


एक बार ये मूवी अवश्य देखें..

क्योंकि ये मूवी एक समय पे खुद से रु-ब-रु करवाती है..हमारे आपके दोनों पहलुओं को दिखाता है..।


"सफल वही होते है,जो सफल होना चाहते है.."

लड़ाई जारी है..