हमें अक्सरहाँ शिकायत ही रहता है..
कभी इससे,कभी उससे..।
पता नही..किस-किस से..
पता है क्यों..??
क्योंकि..
हम अपने कमियों को छुपाना चाहते है..।
और ये हम अनजाने में ही करते है..।
जिस रोज हम अपने कमियों का अहसास करने लगेंगे,
उस रोज फिर किसी में कमियां नही दिखेगा..।
ये बड़ा कठिन है..।
मगर जब आप दूसरों में कमियां देखने के बजाय..
खुद में कमियां देखने लगेंगे..
उस रोज आप,आप नही रह जाएंगे..
आप खास हो जाएंगे..।
जबतक हमें दूसरों में कमियां दिखता रहेगा..
तबतक हमें अपने कमियों को दूर करता रहना होगा..।
जब किसी मे कमियां न दिखे...
उस रोज समझ लीजिए..
आप मे कोई कमियां नही है..।।
मगर ये इतना सरल कंहा है..






