और वो मुस्कुरा रहे थे..
क्योंकि मैं जिधर देखूं..
उधर सिर्फ..
वो ही,वो व्यापत थे..।
अपनी मूर्खता पे हंसी आई मुझे..
जिसे देखने को लोग ताउम्र गवां देते है..
वो हमें चहु और दिख रहे थे..
और मैं उनसे नजरें चुरा रहा था..।।
प्लीज् मुस्कुराये, क्योंकि आपके मुस्कुराने से ओरो के चेहरे पे भी मुस्कान आएगा..।।