बुधवार, 21 अक्टूबर 2026

माना कि..

माना कि,है तुममें..
ढेर सारी कमियां..
मगर..
उन खूबियों का क्या करें..
जो तुम्हें खास बनाता है..।
तुम्हारी कमियां..
उभरती है,
तुम्हारी कमजोरियों से..।
मगर तुम्हारी..
खूबियां उभरती है..
निःस्वार्थ भाव से
अच्छाई के लिए..
किसी के भलाई के लिए..।।

मैं तुम्हें..
कैसे बुरा कहूं..
जब तुम्हें अपने बुराइयों का अहसास है..।
तुम खास हो..
इस प्रकृति का अहसास हो..।

प्लीज..
तुम वो होओ..
जिसके लिए तुम हुए हो..।।



मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026

रावण आज फिर मुस्कुरा रहा है..

रावण आज फिर मुस्कुरा रहा है..
क्योंकि..
दिन-प्रतिदिन..
उसका कद बढ़ते ही जा रहा है..
और राम का कद..??




रावण आज फिर मुस्कुरा रहा है..
हमारी मूर्खता पे..।
हम क्या कर रहे है..??
सौ-सौ फीट का पुतला दहन कर रहे है..
जबकि हमारे अंदर जो..
काम,क्रोध,मद,मोह,लोभ,द्वेष,
ईष्या,आलस्य,हिंसा और अविद्या
जो विद्यमान है..
उसका तो हम दहन ही नहीं कर रहें है..।

जरा खुद से पूछिए..
क्या आपको रावण दहन करने या
फिर उसे दहन होते हुए देखने का अधिकार है..।
जबकि आपके अंदर तो..
स्वयं ही रावण विद्यमान है..
रावण आज फिर मुस्कुरा रहा है..।

रविवार, 18 अक्टूबर 2026

हम गलती क्यों करते है..??

हम जानते है..
ये गलत है..।
फिर भी हम गलती करते है..
गलती करते ही नहीं,
बल्कि उसे बार-बार दोहराते है..
आखिर हम ऐसा क्यों करते है..??

द्वंद..मैं कर क्या रहा हूँ..

मैं कर क्या रहा हूँ..
क्या मैं..
जो कर रहा हूँ..
क्या 
वो सही कर रहा हूँ..??

कुछ समझ में नही आ रहा है कि..
मैं जा किधर रहा हूँ..
बस चले जा रहा हूँ..
मैं जानता हूँ..
इस तरह चलते रहने से..
उत्थान तो नहीं हुआ..
मगर पतन की ओर..
और बढ़ता गया..
कुछ समझ में नही आ रहा कि क्या करूँ..??



शनिवार, 17 अक्टूबर 2026

कुछ लोग..

कुछ लोग दूर चले जाते है..
और कुछ लोग बहुत दूर चले जाते है..
और ऐसे लोगों का पीछा..
चाह कर भी नहीं कर सकते..।

मगर..
कुछ लोग दूर जाकर भी..
हमारे जिंदगी में.. 
अपनी छाप छोड़ जाते है..
जो हमारे जिंदगी को और बेहतरीन बनाते है..।





मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026

आईना..

क्या आप कुछ समय तक आईने में अपना चेहरा देख सकते है..??
कोशिस कीजिये..
क्योंकि आईना हमें वो सबकुछ दिखा देता है..
जो हमें कोई और नहीं दिखाता है..
आईना हमें वो भी दिखाता है..
जो हम खुद से भी छुपा रहे होते है..
आईना हमें वास्तविकता से रु-ब-रु करवाता है..।।



रविवार, 11 अक्टूबर 2026

यार मुझे कुछ होना है..

यार मुझे कुछ होना है..
जो हूँ..
उससे परे हो जाना है..।
ये होने का अहसास..
होता है मुझे..
कई बार..
मगर मैं ही चूक जाता हूँ..
हर बार..।
क्योंकि मुझमें ही..
काबिलियत नहीं है..
मैं ही चूक जाता हूँ हर बार..।

यार मुझे कुछ होना है..
जो हूँ..
उससे परे हो जाना है..।



माना कि..