शनिवार, 8 अगस्त 2026
नी..
हम सोचते क्यों है..
शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
माना कि..
मुझे मत ढूंढो..।
गुरुवार, 6 अगस्त 2026
जब सारा शहर..
सोशल मीडिया और उद्देश्यहीन जिंदगी..
सोमवार, 3 अगस्त 2026
उपयोग और उपभोग..
गुरुवार, 30 जुलाई 2026
मुझे खुद को बदलना है..
बुधवार, 29 जुलाई 2026
मैं..
कंहा ढूंढू गुरु को..
मंगलवार, 28 जुलाई 2026
विरोध के लिए विरोध नही..
एक बेचैनी है..
गुरुवार, 23 जुलाई 2026
लड़ाई जारी है..
लड़ाई जारी था..
लड़ाई जारी है..
और लड़ाई जारी रहेगा..
जब-जब सत्ताशीन अहंकारी और सत्ता के नशे में चूर होंगे..
तब-तब लोग सड़कों पे उतरेंगे..
और उनकी औकाद बतायेंगे..
तुम जनता से हो, और
जनता के लिए हो..।
बुधवार, 22 जुलाई 2026
दूरियां..
कौन अच्छा,कौन बुरा..
मंगलवार, 21 जुलाई 2026
मित्र..
सोमवार, 20 जुलाई 2026
शतरंज..
रविवार, 19 जुलाई 2026
कमियां
मूवी : श्रीकांत..
72 वाँ राष्ट्रीय अवार्ड के लिए बेस्ट मूवी के लिए "श्रीकांत" मूवी को चुना गया..।
ये मूवी श्रीकांत बोल्ला के जीवन पर आधारित है,जो बचपन से ही अंधे थे..।
मगर उन्होंने जिंदगी में वो मुकाम हासिल किया जो भारत की 95% से ज्यादा आबादी उस मुकाम को हासिल नही कर सकते..।
- अभी भी साइंस स्ट्रीम लेकर कितने लोग पढ़ते है..
- भारत के कितने लोगों को MIT(विश्व की सबसे अग्रणी इंजीनियरिंग संस्थान) में पढ़ने का मौका मिलता हूं..।
- भारत के कितने लोग सफल एंटरप्रेन्योर(उद्यमी) बनते है..।
उन्होंने वो सब हासिल किया जो वो पाना चाहते थे..उसके लिए उन्होंने मेहनत किया..और उन्हें अच्छे लोगों का साथ मिलता रहा..।
हममें से अक्सरहाँ लोग कुछ करना तो चाहते है..मगर करते नही..अगर करते है,तो उसे मुकाम तक नही पहुंचा पाते..।।
इसी फ़िल्म में A.P.J अब्दुल कलाम सर् की एक लाइन है..
"अच्छा करो,अच्छे लोग खुद-व-खुद मिलते रहेंगे.."।
इस फ़िल्म के बारे में कहें तो फ़िल्म का मुख्य पात्र अपने परिस्थितियों का रोना कभी नही रोता..शायद इसिलिय वो सफल हुए..
मगर हम आप अपने परिस्थितियों का अक्सरहाँ रोना रोते है..मगर उस परिस्थितियों का समाधान नही ढूंढते..।
एक बार ये मूवी अवश्य देखें..
क्योंकि ये मूवी एक समय पे खुद से रु-ब-रु करवाती है..हमारे आपके दोनों पहलुओं को दिखाता है..।
"सफल वही होते है,जो सफल होना चाहते है.."
शनिवार, 18 जुलाई 2026
आप अपनी ऊर्जा कंहा खर्च करते है..।
-
क्या सोच रहे हो तुम..?? यही सोच रहा हूँ कि.. क्या सोच रहा हूँ मैं..। सच कहूं तो.. कुछ तो सोच रहा हूँ मैं... मगर अफसोस क्या सोच रहा हूँ.. यह...
-
हम सब खास(special) दिखना चाहते है.. मगर सवाल है क्यों..?? इसका सबसे बड़ा कारण है कि हम स्वयं को खास समझते ही नही..। जब हम स्वयं को खास समझने ...
-
अतीत से लेकर वर्तमान तक,हम सभी दुःखो से घिरे हुए है.. आखिर क्यों..?? इस क्यों का जबाब हम अतीत से ही ढूंढते आ रहे है..हमारे ऋषियों-मनीषियों न...


















