मंगलवार, 3 फ़रवरी 2026

यात्रा..

यात्रा जरूरी है..
क्योंकि यात्रा सिर्फ जीवन नही,बल्कि जिंदगी बदल देती है..।
इसलिए जब भी मौका मिले यात्रा पर निकल जाए..।
पता नही कौन सी यात्रा आपके जिंदगी को बदल दे..।

मेरी तो जिंदगी बदली है..
अब मैं वो नही हूँ..जो पहले था..।
मगर मुझे पता नही उस यात्रा में ऐसा क्या चीज था जिसने मेरे जिंदगी को बदल दिया..।
13 दिसंबर 2025 को मैं मुम्बई से गुजरात के व्यारा के लिए YOG परीक्षा के लिए 3 दिन के लिए गया..व्यारा में सर्किट हाउस में ठहराव था,हम कुल 8 लोग थे,मगर सर्किट हाउस में 5 लोग ही ठहरे थे,हम और 2 व्यक्ति एक कमरे में ठहरे थे..शायद उस पार्थ(सर्) के पास सोने से मेरे अंदर बदलाव आया..
या फिर तपोवन आश्रम में गुरु जी(शंकरभाई पटेल) का ऊर्जा का प्रभाव था
या फिर उस मंदिर का(उनाई माता) या फिर वो ग्रुप ही ऊर्जावान था जिसके ऊर्जा से में भी ऊर्जावान हो गया..।
या फिर व्यारा से आते वक्त उस वृद्ध का vip लेकर सीढ़ी से उतरने में मदद किया, और उनका स्पर्श मेरे अंदर बदलाव लाया..।
या फिर बप्पा को स्वप्न में देखकर ऊर्जावान होना..।
या फिर 16 तारिक को एक स्ट्रेंजर का मेसैज आना और वर्षा की तरह मेरे जिंदगी के गंदगियों को धो देना..।






जिंदगी में जबतक कृपा नही होती तबतक कुछ नही होता..
कृपा हमेशा बरसती रहती है..
हमें सिर्फ बाहर निकलकर उस कृपा का रसपान करना होता है..।।

घर से बाहर निकलिए..
यात्रा कीजिये..
यात्रा घर से बाहर का और बाहर से घर का..
यात्रा इड़ा से पिंगला का..
यात्रा मूलाधार से सहस्त्रार का और सहस्त्रार से मूलाधार का..
यात्रा अ , उ , म से ॐ का..
यात्रा स्वयं से शिव का 
और शिव से स्वयं का..।।

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