सोमवार, 2 फ़रवरी 2026

हादसा..

कभी-कभी जिंदगी की बागडोर हमारे हाथों में नही,बल्कि किसी ओर के हाथ मे होता है..।खासकर के हम मनुष्यों का जीवन तो दूसरे के ही हाथों में है..।
जरा सोचिए..
हम जन्म लेते,और माँ-बाप हमारा ख्याल नही रखते..
तो क्या होता..??
मगर हम इन सब चीजों का इतना आदि हो गए है कि हमारा ध्यान इधर जाता ही नही है..।

एक सचा वाकया बताता हूँ..
एक चौराहे 🚦🛣️ पे एक तरफ से बाइक आ रही थी,दूसरी तरफ से कार..
मगर बाइक वाले ने पूरा ब्रेक लिया मगर तब भी उसकी बाइक नही रुकी.
मगर कार वाले ने कार रोक ली..और बाइक वाला बच गया और सीधे आगे निकल गया..।


ये दृश्य भले ही सामान्य हो..मगर इस दृश्य में बहुत कुछ छुपा हुआ है..
● कार वाला बेहतर इंसान हो,इसलिए उसने ब्रेक लगा लिया..
● बाइक वाले ने या फिर उसके चाहने वालों ने कुछ अच्छे कर्म किए होंगे, जो वो इस दुर्घटना से बच गया..।

कभी-कभी हमारे हाथ मे कुछ नही होता..मगर कोई तो है जिसके हाथ मे सबकुछ होता है..।
इसे समझना आसान नही है..
हमारे जीवन मे अक्सरहाँ कई हादसे होते है..
मगर हम उस पर गौर नही करते..जबकि ये हादसे ऐसे होते है जो हमारी जिंदगी को बदलने वाले होते है..मगर हम उसे सामान्य हादसा मान कर दरकिनार कर देते है..।

हमसब के जीवन मे अक्सरहाँ कई हादसे होते है..।
आपको कोई हादसा याद है,या फिर आप भी हादसा को दरकिनार करने वालों में से है..
कोई नही, हममें से अधिकांश लोगों का जन्म भी एक हादसा ही है..
किसी के लिए कोई घटना हादसा होता है,तो किसी के लिए वही घटना अवसर होता है..
आखिर क्यों..??
इसके पीछे क्या काम करता है..??
क्या हमारा कर्म..
या हमारे कर्मों पे दूसरों का भी प्रभाव पड़ता है..।
ये इतना सूक्ष्म स्तर पर होता है कि हम इसे महसूस नही कर पाते..।

आगे से महससू कीजियेगा..




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