शुक्रवार, 25 सितंबर 2026
मुझे कुछ होना है..
बुधवार, 23 सितंबर 2026
खुद को बदलिए..
मंगलवार, 22 सितंबर 2026
दोस्तजी..
शुक्रवार, 18 सितंबर 2026
बुधवार, 16 सितंबर 2026
उम्मीद..
रविवार, 13 सितंबर 2026
हमें लगता है..
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
जरा सोचिएगा..आपके हाथ मे कौन सा कलम है..
मेरी बागडोर अब तुम्हीं संभालो
रविवार, 6 सितंबर 2026
लियोनल मेसी..
खुद से पूछें क्या आज मैं कल से थोड़ा बेहतर हूं? जवाब अगर हां है, तो आप सही राह पर हैं..
"जिंदगी हो या खेल, इंसान कभी पूरी तरह मुकम्मल नहीं होता। हर दिन आप कुछ नया सीखते हैं, कुछ नया खोजते हैं।"
मैंने फुटबॉल खेलना शुरू किया क्योंकि मुझे उससे मोहब्बत है। उस वक्त मुझे नहीं पता था कि एक दिन दुनिया मुझे देखेगी, मेरे नाम की मिसाल दी जाएगी या मैं विश्व कप जीतूंगा। मैं बस गेंद के पीछे भागता था। मेरे लिए फुटबॉल कोई नौकरी या शोहरत नहीं थी, वह मेरा शौक था, मेरी खुशी थी...।
मैं बहुत छोटा था, शायद तीन-चार साल का, जब गेंद मेरे लिए दुनिया बन गई। मैं हर वक्त किसी ऐसे इंसान को तलाशता था, जिसके साथ फुटबॉल खेल सकूं। मुझे जीत-हार की ज्यादा फिक्र नहीं थी,मुझे बस खेलना था। घंटों तक गेंद को किक मारना, उसे अपने पैरों के करीब रखना और उसके साथ दौड़ना... यही मेरी दुनिया थी।
लोग कहते थे मैं बाकी बच्चों से अलग हूं। लोग मुझे देखने आते थे। बचपन में इसका एहसास नहीं था। मुझे कहां मालूम था कि मेरे अंदर ऐसा कुछ है, जो मुझे दूसरों से अलग बनाता है..? यह समझ धीरे-धीरे आई...।
हर मुकाबला हमें कुछ न कुछ जरूर सिखाता है
हार हमें रोकने के लिए नहीं बल्कि, हमें खुद को समझने और निखारने का मौका देने के लिए आती है...।हर हार के बाद निराश होना स्वाभाविक है, लेकिन उसी मायूसी से बाहर निकलकर आगे बढ़ना ही असली हिम्मत है। जिंदगी में हर मुकाबला कुछ न कुछ जरूर सिखाता है..।
आज पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है मैं जिस तरह पैदा हुआ, वह मेरे लिए ऊपर वाले का तोहफा था। मैंने यह हुनर खुद नहीं बनाया था..यह मिला था। लेकिन सिर्फ हुनर मिलना काफी नहीं होता। असली इम्तिहान यह है कि आप उस तोहफे का क्या करते हैं..।
मैंने हमेशा कोशिश की कि जो मिला है, उसका पूरा फायदा उठाऊं..। हर दिन खुद को थोड़ा बेहतर बनाने की कोशिश करता हूँ..।
क्योंकि जिंदगी हो या खेल, इंसान कभी पूरी तरह मुकम्मल नहीं होता..हर दिन आप कुछ नया सीखते हैं। हर दिन अपने अंदर कुछ नया खोजते हैं..। मेरे खेल में भी कई चीजें ऐसी हुईं, जिन्हें मैंने पहले से तय नहीं किया था। कई बार मैदान पर बस एक पल आता है और शरीर खुद फैसला कर लेता है। सामने डिफेंडर होते हैं, रास्ता बंद होता है, लेकिन मैं आगे बढ़ता हूं। एक कदम, फिर दूसरा... और अचानक रास्ता निकलता है। शायद यही मेरा खेल है, गेंद को अपने पैरों के करीब रखना और उस पल पर भरोसा करना।
भरोसे के सहारे मैंने अपना सफर जारी रखा है। मैंने बहुत छोटी उम्र में घर छोड़ा। मैं अर्जेंटीना के रोसारियो से बार्सिलोना आया। यह आसान नहीं था। मैं एक बच्चा था। पीछे मेरा घर था, मेरा शहर था, मेरे अपने लोग थे। सामने एक नई जगह थी, नई जिंदगी थी और बहुत सारी अनजान चीजें... लेकिन खुद पर भरोसा था।
मुझे हुनर मिला, तो मैंने उसे तराशने की कोशिश की। मुझे मौके मिले, तो मैंने उन्हें गंवाने नहीं दिया। मुश्किलें आईं, उन्हें अपनी राह का हिस्सा माना।
आप भी किसी सपने के पीछे भाग रहे हैं, तो खुद से एक सवाल पूछें कि...क्या मैं कल से थोड़ा बेहतर हूं..? अगर जवाब हां है, तो आप सही रास्ते पर हैं.. कामयाबी एक दिन में नहीं मिलती.. ये छोटे-छोटे कदमों से मिलती है।
ये लियोनल मेसी के कई इंटरव्यू का सार है(स्रोत- दैनिक भास्कर)..इन्होंने हाल ही में 31 अगस्त को सोशल मीडिया के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मैच से संन्यास की घोषणा की..
वो असाधारण थे,क्योंकि वो साधारण थे..चाहे खेल का मैदान हो या फिर खेल के मैदान के बाहर उनका बर्ताव हमेशा सौम्य और शांत रहता..वो कभी किसी को अहसाह नही होने देते की वो इस युग के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक है..बल्कि वो ये अहसास करवाते है कि वो हममें से एक है..।यही खासियत उन्हें औरों से अलग बनाता है..।
शनिवार, 5 सितंबर 2026
शिक्षक कौन है..
शुक्रवार, 4 सितंबर 2026
दादी माँ और कृष्ण जन्माष्टमी..
अपने बच्चों को कृष्ण के चरित्र से अवगत कराए..
मंगलवार, 1 सितंबर 2026
जिंदगी एक दौड़ है..
रविवार, 30 अगस्त 2026
सबकुछ बदल रहा है..
शनिवार, 29 अगस्त 2026
इच्छाएं
गुरुवार, 27 अगस्त 2026
कभी-कभी..
मंगलवार, 25 अगस्त 2026
मैं क्यों ढूंढता हु उन्हें..
शुक्रवार, 21 अगस्त 2026
जिंदगी..
गुरुवार, 20 अगस्त 2026
बप्पा..
बुधवार, 19 अगस्त 2026
अहमियत..
रविवार, 16 अगस्त 2026
थोड़ा कठिन है..
अगर आप चाहते है कि लोग आपको पसंद करें..
तो पहले आप,
लोगों को पसंद करना शुरू कीजिए..
अपने शर्तों पे नहीं..
बल्कि वो जैसे है..
वैसे ही,
पसंद करना शुरू कीजिए..।।
थोड़ा कठिन है..
थोड़ा नही बहुत कठिन है..।
मगर जब आप किसी को उसके ही शर्तों पे पसंद करना शुरू करते है..
तो,वो भी..
आपके शर्तों का ख्याल रखना शुरू कर देते है..😊।
कुछ नियम बनाये थे मैंने अपने लिए..
शुक्रवार, 14 अगस्त 2026
आखिर कबतक..
हम क्यों किसी के बारे में सोचते है..
गुरुवार, 13 अगस्त 2026
मन भटक रहा है..
कुछ लिखने का मन करता है..
मंगलवार, 11 अगस्त 2026
गलतियां
सोमवार, 10 अगस्त 2026
खुद को देखिए जनाब..
मैं..से मैं तक..
शनिवार, 8 अगस्त 2026
नी..
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शुक्रवार, 7 अगस्त 2026
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क्या सोच रहे हो तुम..?? यही सोच रहा हूँ कि.. क्या सोच रहा हूँ मैं..। सच कहूं तो.. कुछ तो सोच रहा हूँ मैं... मगर अफसोस क्या सोच रहा हूँ.. यह...
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कुछ लोग जिंदगी से तो चले जाते है.. मगर वो कई यादें छोड़ जाते है..। ये पहली जन्माष्टमी होगा जो बिना दादी माँ के मनाऊंगा.. जब से होश संभाला हू...
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हम सब खास(special) दिखना चाहते है.. मगर सवाल है क्यों..?? इसका सबसे बड़ा कारण है कि हम स्वयं को खास समझते ही नही..। जब हम स्वयं को खास समझने ...
































