सोमवार, 22 जून 2026
मैं ही हरदफ़ा
मंगलवार, 9 जून 2026
नदी के दो किनारे..
सोमवार, 8 जून 2026
एक बात कहूँ..
शुक्रवार, 22 मई 2026
गुम हो जाने की आदत है उनको..
गुम हो जाने की आदत है उनको..
यू ही रूठ जाने की आदत है उनको..।
मैंने भी इस बार तय कर लिया है..
कब तक रूठे रहते है..
देखता हूँ..
कब तक खोए रहते है..
देखता हूँ..।
कभी तो याद आएगी मेरी..
कभी तो उनकी अंगुलियां..
मोबाइल पे मेरा नाम सर्च करेंगी..।
या फिर कोई सपना मानकर भूल जाऊंगा उन्हें..।।
इससे और बेहतर क्या होगा..।
क्या उनका जिक्र कभी मेरी किताब में होगा की नही..
इसका तो पता नहीं..
मगर..
मेरे चेहरे पे कई दफा मुस्कान लाने के लिए..
शुक्रियादा तो जरूर करूँगा उनका..।।
शनिवार, 18 अप्रैल 2026
प्यार की पांति..
रविवार, 5 अप्रैल 2026
मैं जब भी..
बुधवार, 1 अप्रैल 2026
मालूम नही क्यों..
रविवार, 29 मार्च 2026
कहानी: "नी"
गुरुवार, 26 मार्च 2026
प्यार की पांति..
शुक्रवार, 13 मार्च 2026
प्यार की पांति...
मंगलवार, 3 मार्च 2026
मन करता है..
शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026
मन करता है
मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026
कोई तो होगी..
शुक्रवार, 23 जनवरी 2026
कंहा से आई वो..
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026
सोचा था..
बुधवार, 14 जनवरी 2026
वो दूरियां बना रही है..
शुक्रवार, 9 जनवरी 2026
प्यार की पांति..मन करता है..
बुधवार, 7 जनवरी 2026
प्यार की पांति..कभी-कभी
कभी-कभी तुम भी कुछ लिखा करो..
कभी-कभी तुम भी कुछ कहा करो..।
मैं ही कबतक अकेले लिखता रहूंगा..
मैं ही अकेले कबतक बकता रहूंगा..।
कभी-कभी तुम भी कुछ लिखा करो..
कभी-कभी तुम भी कुछ कहा करो..।
जानता हूँ..मैं भी..
जानती हो..तुम भी..
हमदोनों के बीच की दूरियों को..
और..
हमदोनों के बीच के खाइयों को..।
कभी-कभी हमदोनों मिलकर दूरियां मिटाये...
कभी-कभी हमदोनों मिलकर खाइयों के गहराइयों का पता लगाएं..
कभी-कभी..तुम भी कुछ लिखा करो..
कभी-कभी तुम भी कुछ कहा करो..।।
यू मुँह मोड़ने से क्या होगा..
यू चुप रहने से क्या होगा..
जबतक नजरें मिलाओगे नहीं..
जबतक चुपिया तोड़ोगे नही..
तुम्हीं बताओ मैं कैसे समझ पाऊंगा..।
कभी-कभी तुम भी कुछ लिखा करो..
कभी-कभी तुम भी कुछ कहा करो..।
माना कि आता नही..
मुझे प्यार जताना..
तुम्हीं सिखाओ..
तुम्ही बताओ..
की कैसे जताए..
की कैसे बताये..।
कभी-कभी तुम भी कुछ लिखा करो..
कभी-कभी तुम भी कुछ कहा करो..।
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अतीत से लेकर वर्तमान तक,हम सभी दुःखो से घिरे हुए है.. आखिर क्यों..?? इस क्यों का जबाब हम अतीत से ही ढूंढते आ रहे है..हमारे ऋषियों-मनीषियों न...

















