गुरुवार, 18 दिसंबर 2025

मालूम नही क्यों..

मालूम नही क्यों..
आपकी कमी खल रही है..।
मालूम नही क्यों..
आपकी याद आ रही है..।
मालूम नही क्यों..
शायद मैं स्वार्थी हूँ...
इसीलिए शायद में आपको याद कर रहा हूँ..।
शायद में असहाय हूँ, 
इसीलिए शायद आपको याद कर रहा हूँ..।
सच कहूं तो..
मालूम नही क्यों..
मैं आपको याद कर रहा हूँ..।।
शायद उस जंहा से भी आप मुझे देख रही है..
और ढेर सारा प्यार मुझपे बरसा रही है..।।
मालूम नही क्यों..
लव यू दादी माँ..।।


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