एक खालीपन सा है..
सच मे एक खालीपन सा है..
एक ऐसा खालीपन जो कूड़ा-कचराओ से भरा हुआ है..
ऐसा ही खालीपन सा है..
कुछ नया भरने को मन है..
मगर इन कूड़ा-कचराओ से निकले कैसे..
इक खालीपन सा है..
इसको फिर से नए सिरे से भरने को मन है..
शुरुआत कैसै और कंहा से करू..
कुछ पता नही..
इक खालीपन सा है...
या सच में..
मैं अपनी बचीं हुई संभावनाओं को भी खो रहा हु..
क्या ये उस और तो खालीपन का इशारा तो नही है..
सच मे इक खालीपन सा है..।
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