जो हमारे जिंदगी को स्पंदित करें..
जो हमारे जिंदगी में प्रणोदक(propellant) और उत्प्रेरक(catalyst)का काम करें..।।
जिंदगी में कुछ लोग होना चाहिए..
ये लोग शुरू से ही होते है हमारे आस-पास, मगर अफसोस हमें समझ ही नहीं होता,इन्हें समझने की..और हम इनसे दूरियां बना लेते है..।।
दूरियां इतना बना लेते है..की फिर कभी करीब जा नही पाते..
अगर करीब चल भी गए..
तो वो अब न हमें स्पंदित करेंगे..
न ही वो प्रणोदक और उत्प्रेरक का काम करेंगे..।।
कोई नही..धैर्य रखें..
वो फिर से आपके स्पर्श से जीवंत हो उठेंगे..
और वो आपको फिर से स्पंदित,प्रणोदित और उत्प्रेरित करेंगे..।।
हमारे आसपास ऐसे लोगों की भरमार है..
इनसे दूरियां नहीं, इनसे करीबियां बढ़ाये..
ये वो लोग है..
जो आपको..आप से हम बनाएंगे...
और, औरों से खास बनाएंगे..।।
जिंदगी में कुछ लोग होना ही चाहिए..
जो हमारे जिंदगी को स्पंदित करें..
जो हमारे जिंदगी में प्रणोदक(propellant) और उत्प्रेरक(catalyst)का काम करें..।।
जिंदगी में कुछ लोग होना ही चाहिए..।
हमारे जिंदगी को सबसे पहले स्पंदित,प्रणोदित और उत्प्रेरित हमारे माता-पिता,भाई-बहन,रिश्तेदार, मित्र,शिक्षक,समाज और गुरु करते है..।।
मगर जब हम इनसे दूरियां बना लेते है..
तो फिर इनके बिना हमारा कोई अस्तित्व नही रह जाता..।।
ये वो लोग होते है..
जो हमारे जिंदगी को स्पंदित,प्रणोदित और उत्प्रेरित करके हमारे जिंदगी को नया मुकाम देते है..।।
ज्यादा खुशी मत होइये..😊
कभी-कभी इसका उल्टा परिणाम भी होता है..।
अगर आप उनके स्पंदन,प्रणोदन और उत्प्रेण को अच्छी तरह समझ नही पाए तो..।
जिंदगी में कुछ लोग होना ही चाहिए..

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें