मौन ही रहो तो बेहतर है...
नही तो राज खुल जाएंगे..।
राज जो खुल जाएंगे..
तो फिर किधर को जाएंगे..।।
है कुछ क्षण रेत से बचे हुए,
इसे अगर सही से संभाल पाया,
तो फिर से इमारत बना पाऊंगा..।
है कुछ क्षण रेत से बचे हुए,
इसे अगर सही से इस्तेमाल कर पाया,
तो उन सपनों को फिर से साकार कर पाऊंगा,
जो हमने देखे है..।
है कुछ क्षण रेत से बचे हुए..
अगर इसे सवाँर पाऊ,
तो सिर्फ अपनी ही नही कइयों की जिंदगी सवाँर पाऊंगा..।
है कुछ क्षण रेत से बचे हुए..
अगर एक भी रेत को जाया होने नही दिया..
तो इन्ही बची हुई रेत से इमारत खड़ा कर पाऊंगा..
और उन इमारतों पे सिर्फ मेरा ही नही,
लाखों लोगों का आशियाना होगा..।।
क्या इन बचे हुए रेत को भी युही जाया होने दूँ..
अगर ये जाया हुआ, तो मैं जाया हो जाऊंगा..
क्योंकि मिट्टी के घर, एक बारिश में ही धूल जाते है..
और मुझे नही धुलना...
है कुछ क्षण रेत से बचे हुए..।।
क्या आपको पता है..??
पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति में सबसे अहम योगदान किसका था...??जिसका था उसका आज हालत दयनीय होती जा रही है....
पृथ्वी का निर्माण लगभग 500 करोड़ साल पहले हुआ..
और 50 करोड़ साल पृथ्वी पर समुन्द्र बनने में लग गए...
लगभग 380 करोड़ साल पहले जीवन का विकास प्रारंभ हुआ..
लगभग 250-300 करोड़ साल पहले प्रकाश-संश्लेषण की प्रक्रिया शुरू हुई...
और लंबे समय तक जीवन केवल समुन्द्र में ही संभव था...
और धीरे-धीरे महासागर ऑक्सीजन से परिपूर्ण हो गया और 200 करोड़ पूर्व तक वायुमंडल में ऑक्सीजन परिपूर्ण मात्रा में हो गई... जिस कारण धरातल पर भी जीवन संभव हो पाया..
और आज जिस समुन्द्र के कारण जीवन संभव हुआ,आज उसकी हालत दयनीय होती जा रही है..।।
कुछ पाने के लिए कुछ खोना पड़ता है..
मगर खोना कौन चाहता है..
हम सब सिर्फ पाना चाहते है,ये जानते हुए की कुछ पाने के लिए कुछ खोना होता है..।।
ये प्रकृति का नियम है...
आपको तबतक कुछ नही मिलेगा,जबतक आप उसके बदले में कुछ दे न दो...।।
आप अपने जिंदगी के किसी पल को याद कीजिये और सोचिए कि आपको अपने जीवनकाल में क्या कुछ मुफ्त में मिला है...?
अगर आपको लगता है कि मिला है,तो आप फिर से सोचिए.. अगर कुछ नही तो कम से कम आपका समय तो लगा ही होगा....।।
क्या आपको पता है..सबसे कीमती चीज क्या है..??
समय है..।।
जो समय आपके हाथ से चला जाय तो फिर हम उसे किसी भी कीमत पर खरीद नही सकते..।मगर अफसोस इस समय की हम कद्र नही करते यू ही जाया किये जा रहे है..।।
कुछ पाने के लिए,कुछ खोना पड़ता है..।।
बड़े सपने,बड़े ख्वाब, को हकीकत में बदलने के लिए,कुछ बड़ा भी तो त्याग करना होगा..आपके पास त्यागने के लिए क्या है..??
सबके पास कुछ न कुछ त्यागने के लिए होता है,मगर कुछ ही लोग में दृढ़ता,संकल्प और आत्मविश्वास होता है,त्यागने की..। जो अपनी बुराइयों को त्याग देता है,वो परम ऊंचाइयों को पा लेता है...।।
त्याग इंसान को महान बनाता है..।
मगर क्या कुछ भी त्यागना इतना आसान है क्या... ??
हम तो अपनी बुराइयों से भी चिपके होते है,ये जानते हुए भी की ये गलत है..क्योंकि हम कुछ भी खोना नही चाहते,चाहे वो बुरा ही क्यों न हो..।।
कुछ पाने के लिए,कुछ तो खोना ही पड़ेगा...।।
निर्णय आपको करना है..
आप क्या खो कर,क्या पाना चाहते है,या फिर क्या पाकर क्या खोना चाहते ही..।।
कमियां हरेक इंसान में होती है..उसे स्वीकार करें.. क्योंकि..
कमियां मानव का स्वाभव ही नही बल्कि ये मानव के लिए अवसर है..
अपनी कमियों को दूर कर,खुद को परिपूर्ण करना..
शायद ही कोई इंसान है जो पूर्ण है..
पूर्ण वही है,
जिसने अपनी कमियों को पहचाना और उसे दूर कर खुद को पूर्ण किया..।
मनुष्य के लिए कठिन है कि वो अपनी कमियों को स्वीकार करें.. उससे भी कठिन है अपनी कमियों को पहचान कर उसे दूर करना..
जिसने ये कर लिया..
वही जिंदगी में सफल हुआ...।।
ये मायने नही रखता की आप कितनी बार गिरे,
मायने ये रखता है कि आप गिरने के बाद... क्या करते है..??
गिर के गिरे रहना,
या फिर गिर के उठना,
या फिर गिर के उठकर फिर से चलना,
या फिर गिर के उठकर,फिर से चलकर,मंजिल पर पहुंचना...।।
ये आपको ही तय करना है कि, आपको क्या करना है..??
क्योंकि आपकी मंजिल, आपका नजरिया बदल देगा..
सफल हुए तो भी,असफल हुए तब भी...
मगर सफल होना जरूरी है..क्योंकि असफल लोगों के नजरियों का कोई मायने नही है..।
क्योंकि इतिहास ही नही बल्कि वर्तमान भी सफल लोगों को ही जानता/मानता है..।
आप स्वयं भी सफल व्यक्ति को ही जानते होंगे..।।
आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते है,जो असफल है..??
नही...बिल्कुल नही.. जानते होंगे..।।
तो...क्या सोचते है...🤔???
सफल होना है या नही...??
क्योंकि...
सफलता ही प्रकृति की नियति है..
क्या आप प्रकृति के नियति के खिलाफ जाएंगे...??
मैं हूँ यंहा,
क्योंकि मेरे होने का वजह है...
इसिलिय तो मैं, हूँ यंहा..।।
यू ही कोई नही होता,
हरेक का होने का वजह होता है..।
ये अलग बात है कि हम उस वजह को भूल जाते है..
इसीलिए तो जिंदगी बेवजह गुजर जाती है..।
और जिसे वजह मिल जाती है...
वो सिर्फ अपनी ही नही,बल्कि कइयों की जिंदगी में बेवजह रंग भरके जिंदगी को रंगीन बना देते है..।।
प्रकृति रंगीन है...
और इस प्रकृति पे पायी जाने वाली हर मूर्त और अमूर्त,जीव-जंतु,पेड़-पौधे प्रकृति के रंग है,जो प्रकृति को रंगीन बनाती है..।
हम मनुष्य ही ही,जो अपनी रंगीन जिंदगी को रंगविहीन बनाने पे तुले हुए है..।।
अपना बचपन याद करें, नही याद आ रहा है..... तो खेलते हुए,हँसते हुए,रोते हुए बच्चों को देखिए...वो सब कुछ करते है,एक ही क्षण में,एक ही पल में,एक ही दिन में.. मगर अफसोस इन बच्चों की जिंदगी भी अब एकरंगी सा हो गया है..।
हम खुद ही तो अपने जिंदगी को रंगविहीन बनाने पे तुले हुए है..
ये नही करना है,वो नही करना है,लोग क्या बोलेंगे,समाज क्या बोलेगा, इसी वुहापोह में जिंदगी रंगविहीन गुजर जाती है,कभी-कभी कोई रंग पकड़ता भी है,तो टिकता नही..।।
आखिर जिंदगी रंगीन कैसे हो..??
प्रकृति से सामंजस्य बिठा करके ही जिंदगी रंगीन होगी..।।
1. प्रकृति में हरेक चीज का होने का कारण है.. आप भी अपना लक्ष्य ढूंढिए..क्योंकि आपके भी होने का कारण है।।
2. मुस्कुराते रहिए.. क्योंकि प्रकृति हमेशा मुस्कुराती रहती है.. फूलों का खिलना,लहरों का उठना, बारिश का बरसना यही तो संदेश देती है..।
3. आशावान रहिए.. प्रकृति के बंजर जमीन पे उगा पौधा भी आसमां की और देखता रहता है,और अपने आप को सांत्वना देता है,बारिश जरूर होगी,और एक दिन आता है, जब बारिश होती है,और नया जीवन मिल जाता है..।। जो आस छोड़ देते है,उनका कोई अस्तित्व नही रहता.. प्रकृति यही तो सिखाती है।
4. दृढ़निश्चयी बने... प्रकृति जब कुछ करने को ठान लेती है,तो वो परिणाम का नही सोचती..इसीलिए जब कुछ करने का सोचे तो उसे करके ही रहे..।।
5.समय का कद्र करें.. प्रकृति में हमेशा सबकुछ नियत समय पर ही होता है..दिन-रात,गर्मी-ठंडा,फूलों का खिलना,फलों का लगना इत्यादि। इन सब का समय नियत है,ये अपनी मर्यादा नही तोड़ते,क्योंकि कइयों का जिंदगी इनके ऊपर आश्रित है।
6.अपनी मर्यादा में रहे.. प्रकृति कभी अपनी मर्यादा नही तोड़ती,समुद्र की लहर तटों से टकराकर वापस चली जाती है,जब नही जाती है तब सुनामी आ जाती है..।
7.हरेक परिस्थिति में शांत,स्थिर और मौन रहिए... मगर एक सीमा तक ही.. प्रकृति हमें ये भी सिखाती है..।।
सच कहता हूं जिंदगी भी,प्रकृति इतना ही रंगीन है,कभी आईने के सामने खुद को देखकर मुस्कुरा के तो देखे..जिंदगी बहुत रंगीन नजर आएगी..।।