मेरी माँ,
मंगलवार, 2 जुलाई 2024
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मालूम नही क्यों.. आपकी कमी खल रही है..। मालूम नही क्यों.. आपकी याद आ रही है..। मालूम नही क्यों.. शायद मैं स्वार्थी हूँ... इसीलिए शायद में आप...
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क्या सोच रहे हो तुम..?? यही सोच रहा हूँ कि.. क्या सोच रहा हूँ मैं..। सच कहूं तो.. कुछ तो सोच रहा हूँ मैं... मगर अफसोस क्या सोच रहा हूँ.. यह...
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हम सब खास(special) दिखना चाहते है.. मगर सवाल है क्यों..?? इसका सबसे बड़ा कारण है कि हम स्वयं को खास समझते ही नही..। जब हम स्वयं को खास समझने ...
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