गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

राष्ट्र,राष्ट्रपिता और गांधी..

क्या आप अल्बर्ट आइंस्टीन को जानते है..??
शायद जानते ही होंगे..
उन्होंने एकबार एक व्यक्ति के लिए कहा था -
" आने वाली पीढियां शायद ही विश्वास करेगी कि,ऐसा कोई हांड-मांस का व्यक्ति इस धरती पर चला था"।
पता है ये लाइने आइंस्टीन ने किसके बारे में लिखा था..कोई और नही वो "राष्ट्रपिता गांधी" थे..।।


आज सोशल मीडिया पे या फिर आपके घर के ही कोई सदस्य गांधी के बारे में अपमानजनक बातें करते हुए नजर आ जाएंगे..।
पता है क्यों..??
क्योंकि उन्होंने गांधी के बारे में खुद से कुछ पढ़ा ही नही है,अगर कुछ सुना है,या फिर देखा है, तो ऐसे लोगों को जो गांधी से नफरत करते है..क्योंकि जब हम किसी के कद की बराबरी नही कर पाते,तो उसके कद को गिराने लगते है..।

एक बात पता है आपको..गांधीजी को राष्ट्रपिता से सर्वप्रथम किसने संबोधित किया था...??
जरा सोचिए..शायद एक या दो नाम जेहन में आया होगा..अगर उसमें से कोई एक सही नाम हो तो अपना पीठ ठोकिये..।
वो व्यक्ति कोई और नही राष्ट्र का हीरो सुभाषचंद्र बोस थे..।।


आखिर सुभाष चंद्र बोस की क्या मजबूरी रही होगी कि उन्होंने रंगून(म्यांमार) के रेडियो स्टेशन से 1944 में उन्हें राष्ट्रपिता कहकर उनसे स्वतंत्रता की लड़ाई में उनसे आशीर्वाद मांगा..।
जबकि दोनों में वैचारिक मतभेद था एक अहिंसा के तो दूसरे सशत्र विद्रोह के समर्थक थे..।।
बोस की कोई मजबूरी रही होगी या फिर वो गांधी के व्यक्तित्व से अवगत थे..(एक बात और राज की बात बताता हूँ😊 बोस अकेले ऐसे व्यक्ति थे जो गांधी के आश्रम में जूते और चप्पल पहन कर अंदर जा सकते थे,और चाय सिर्फ उनके लिए ही आश्रम में बनती थी)

एक आधुनिक राष्ट्र का निर्माण कैसे होता है..??
दुनिया का कोई भी राष्ट्र का नाम मन मे सोचें..और गूगल पे सर्च करें..
उसकी भाषा,धर्म,नृजातीय समहू,और भौगोलिक अवस्थिति देखें..
आपको हरेक राष्ट्र में एक चीज कॉमन दिखेगी..
उस राष्ट्र की अधिकतम आबादी, कोई एक भाषा,या कोई एक धर्म,या कोई एक नृजातीय समूह की बहुलता अधिकतम दिखेगी,या फिर उसकी भौगोलिक स्थिति बिल्कुल अलग होगी..।

अब अपने भारत को देखें..
•यंहा कितने धर्म है..प्रमुखता से 8 धर्म है..
•यंहा कितने भाषा है..आठवीं अनुसूची में 22 भाषा शामिल है,जबकि उन सूची में शामिल कुछ भाषा से ज्यादा बोलने वाले अन्य भाषी लोग है..
•यंहा कितने नृजातीय समूह है..PVTG में 75 जनजाति शामिल है जबकि आधिकारिक रूप से इनका संख्या 705 है..।।
•भारत को भौगोलिक रूप में 8 भागों में विभाजित किया गया है..।



इतने विविध आधुनिक भारत को एक सूत्र में आखिर सर्वप्रथम किसने बांधने का प्रयास किया..??
आधुनिक भारत(1857 के बाद का समय) को अगर देखें तो उस समय ऐसा कोई व्यक्तित्व नहीं था जो पूरे भारत का नेतृत्व करता हो..
हरेक व्यक्ति अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत थे..नरमपंथी कोट और टाई लगाकर अंग्रेज को चिट्ठी लिख रहे थे तो गरमपंथी शहरों में पत्र और पत्रिकाओं के माध्यम से या फिर कभी शहर के सड़को पे अंग्रेज का विरोध कर रहे थे..।
जबकि आजादी के समय तक शहरी आबादी 17% के आसपास ही था..क्या सिर्फ शहरी लोगों के सहायता से ही अंग्रेज से आजादी और राष्ट्र का निर्माण किया जा सकता था..।।

आखिर वो शख्स कौन था जिसने भारत की आजादी के लिए भारत के उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम के सुदूर क्षेत्र तक राष्ट्र के भावना को पहुँचाया..वो सख्स कोई और नही बल्कि गांधी जी थे..।

उनसे पहले कोई गाँव की सुध लेने वाला नही था,गांधी पहले सख्स थे जिन्होंने हर सख्स को अहसास कराया कि भारत अंग्रेज से आजादी पाकर एक स्वतंत्र राष्ट्र का निर्माण करेगा..।।
गांधी के आंदोलन में बच्चे,बूढ़े,जवान,महिलाये तक शामिल होते थे..
न धर्म,न जात,न पात सबकों भुलाकर सबका एक ही उद्देश्य उन्होंने बना दिया..अंग्रेजो से भारत की आजादी..।।

गांधी के विचारों से हम असहमत हो सकते है,मगर हम उन्हें नकार नही सकते..।।

ऐसा नही है कि गांधी नही होते तो भारत को आजादी नही मिलता..मगर क्या आजादी का ये स्वरूप होता..??

गांधी खुद में एक विश्वविद्यालय थे..जिसने नेहरू,पटेल,सुभाष से  लेकर भगत सिंह तक को आजादी के लिए तैयार किया,उन्होंने कई पौध तैयार किया जो कुछ बड़े होकर अलग रास्ता अख्तियार करके देश की आजादी के लिए लड़े..।।
आज भी उनके पौध अन्य रूप में कार्यरत है..भले ही वो स्वयं को उनसे नही जोड़ते मगर वो स्वयं जानते है कि उनकी जड़ें आज भी वंही से जुड़ी हुई है..।।

भारत के साथ और उसके बाद कई देश आजाद हुए..आज उनकी स्थिति देखें और भारत की स्थितियों को देखें..आखिर क्यों कई देश बिखर गए जबकि भारत दिन-प्रतिदिन मजबूत हो रहा है..??

क्योंकि अन्य देशों को आजादी सशत्र संघर्ष द्वारा मिला तो कइयों को अमेरिका के दबाब में,जिस कारण उस देश के हरेक नागरिक तक राष्ट्र की महत्वता नही पहुंच पाया,वो एक जुट नही हो पाए..
जबकि भारत के साथ इसके विपरीत हुआ,भारत के आजादी के लड़ाई में पूर्वोत्तर भारत से लेकर दक्षिण सुदूर भारत तक आजादी की गूंज थी..और हरेक जुबां पे गांधी का नाम था..गांधी से सब अवगत थे..क्योंकि गांधी ने सब कुछ देश के लिए न्यौछावर कर दिया था..।।

वो विश्व के इकलौते ऐसे नायक है जो आजादी की लड़ाई का नेतृत्व करने के बाद भी सक्ता से दूर रहें..।।

मगर आज भी कुछ लोगों को..गांधी विलेन दिखते है..
तो मैं उनसे पूछना चाहता हूं..उस समय आपके बाप,दादा,परदादा क्या कर रहें थे..??और आप स्वयं आज क्या कर रहें है,राष्ट्र की प्रगति में आपका क्या योगदान है..??
आप जिसे सुन कर गांधी का विरोध कर रहें है..उनके बाप-दादा उस समय क्या कर रहें थे..??

आप गांधी के विचार से असहमत होइए..इसमें कुछ बुरा नही है..।
मगर हरेक चीज के लिए गांधी को ही कसूरवार मत ठहराईये...।
क्योंकि गांधीजी और उनके अनुयायियों को अब आपके सवालों का जबाब देने का मतलब नही है..क्योंकि आपने खुद कभी इतिहास का किताब ही नही पलटा है..😊।

https://mnkjha.blogspot.com/2024/01/blog-post_30.html


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