"लोगों की अहमियत का पता,हमें तब चलता है,
जब वो हमसे कुछ पल,कुछ दिन,कुछ महीनों,कुछ साल या फिर हमेशा के लिए हमसे दूर चले जाते है.."।
हमारे जिंदगी में कुछ लोगों की अहमियत पानी के बुलबुले के समान क्षणभंगुर होता है..ये ऐसे लोग होते है जिससे हम एक क्षण के लिए मिलते है..।(ये लोग कौन हो सकते है..??)इस तरह के लोग अक्सरहाँ हवा के झोंके के साथ जीवन में आते है,और चले जाते है..मगर कभी-कभी इनमें से कुछ लोग ऐसे होते है,जिनकी अहमियत जिंदगी में ताउम्र बनी रहती है..।।
•कुछ लोग ऐसे होते है..जो हमारे जिंदगी को संवारने का काम करते है..(ये लोग कौन है..??)मगर शायद ही हम उन सबकी अहमियत को समझ पाते है..उनमें से कुछ ही लोग होते है,जो हमें भाते है,जो हमें प्रभावित करते है,और wo ताउम्र यादों में बने रहते है..।
•कुछ ऐसे होते है..जो जिंदगी में रंग भरते है..अगर वो न होते तो जिंदगी कितना रंगहीन होता..(ये लोग कौन हो सकते है..??)इनके साथ बिताए हर पल खास थे,ये वही लोग थे,जो मुझसे भी झगड़ते और मेरे लिए दूसरों से भी झगड़ते..।ये वही कमीने यार है जो कभी प्रसंशा के झाड़ पे चढ़ाते तो कभी उसी के आड़ में झाड़ में फंसाते..।जिंदगी ज्यों-ज्यों आगे बढ़ती जाती तो कई कुछ पीछे छूटते जाते..एक वक्त पे सब पीछे छूट जाते..।मगर उनमें से कुछ से पीछा नही छूट पाता..क्योंकि उनके बिना जिंदगी की अहमियत कंहा है..।।
आपने कभी सोचा है,सूरज न होता तो क्या होता..??
•जिंदगी में इसी तरह कुछ लोग होते है..जो जिंदगी में, हमेशा सूरज की तरह चुपचाप हमारे जिंदगी को सवार रहे होते है..।अगर सूरज न होता तो इस पृथ्वी पर जिंदगी न होता.. उसी तरह अगर वो लोग न होते तो हम न होते..मगर हमें, जिस तरह सूरज की अहमियत का पता नही चलता,उसी तरह उनकी अहमियत का पता नही चलता..।
जिस तरह कड़कती ठंड में जब सूरज नही होता है,तब उसके अहमियत का अहसास होता है..उसी तरह उनलोगों की अहमियत का तब अहसास होता है,जब वो या हम उनसे दूर हो जाते है,या दूर चले जाते है..या फिर बहुत दूर चले जाते है..।।.
वो पास थे,तो उनकी अहमियत का अहसास नहीं था..
वो अब दूर है,तो उनकी अहमियत का अहसास हो रहा है..।
वो फिर जब पास आएंगे तो फिर उनकी अहमियत का अहसास नहीं होगा..
वो फिर जब दूर चलें जाएंगे,तो फिर उनकी अहमियत का अहसास होगा..।
अगर वो फिर कंही बहुत दूरररर...चल गए..
तो हम फिर मुँह लटकाएँगे...और अश्रु बहाएंगे..
और उनकी अहमियत का,जिंदगी भर गुणगान करेंगे..।
वो पास थे तो उनकी अहमियत का अहसास नही था...




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