किसी के लिए परिवार,किसी के लिए समाज तो किसी के लिए पैसा पहला प्राथमिकता होता है..।हम ता उम्र इसे और बढ़ाने में लगे रहते है।जो कि सही भी है..अगर जिंदगी में हम किसी चीज को प्राथमिकता नही देंगे तो फिर जिंदगी का महत्व ही क्या रह जाएगा..।
मगर एक वक्त ऐसा आता है,जब हमारे पास पैसा,समाज,परिवार सबकुछ होते हुए भी,कोई काम का नही रह जाता आखिर क्यों..??
क्योंकि हमारा स्वास्थ्य हमारा साथ नही दे रहा होता..
आखिर क्यों..??
क्योंकि हमने अपने स्वास्थ्य को,कभी प्राथमिकता नहीं दी।
जबकि हमारा प्रथम प्राथमिकता हमारा स्वास्थ्य होना चाहिए..।
अगर आप स्वस्थ है तो आप सबकुछ पा सकते है..
अगर आप अस्वस्थ है तो सब कुछ होते हुए भी किसी चीज का उपभोग नही कर सकते..।।
हममें से अधिकांश लोग पूरी उम्र पैसा और परिवार के पीछे खर्च कर देते है..मगर अपने ऊपर कुछ वक्त खर्च नही करते...।।मगर जब आप कुछ दिनों के लिए बीमार होते है..तब ये पैसा और परिवार साथ तो होता है,मगर उस असहनीय पीड़ा से खुद ही जूझना पड़ता है..।।
इसीलिए हमारी प्रथम प्राथमिकता हमारा स्वास्थ्य होना चाहिए..
अपने लिए हरेक रोज समय निकालिय और अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखिये...।।
"क्योंकि स्वास्थ्य से बड़ा कोई धन नही है, और न ही कोई मित्र है"।
पुनर्वित्तं पुनर्मित्रं पुनर्भार्या पुनर्मही। एतत्सर्वं पुनर्लभ्यं न शरीरं पुनः पुनः ॥
हरेक चीज को हम दुबारा पा सकते है,मगर अपने स्वास्थ्य को नही,इसलिय अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखिये..।।

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