आपको पता ही होगा..।
इस बाल दिवस पर हम ग्वाल-बाल से क्या सीख सकते है..??
1. वर्तमान में जिये...
पता है आपको.. बच्चों का खुशियों का राज क्या है..??
वो हमेशा वर्तमान में जीते है,खेलते वक़्त खेल पर ध्यान,खाते वक़्त खाने पर ध्यान,सोते वक्त सोने पर ध्यान..।
इसलिए खुश रहना है तो इन बच्चों की तरह वर्तमान में जिये..।
मगर इस आधुनिक युग मे हम उनकी भी दिनचर्या खराब कर रहें है..।
2.बच्चों की तरह हँसिये..
आपको याद है,आपने आखरी बार दिल खोलकर कब हँसा था..अगर नही हंसे थे तो बच्चों के साथ समय बिताइए दिल खोलकर हंसने का मौका मिलेगा..।
इस भाग दौड़ भरी जिंदगी में हम हँसना भी भूल गए है..।
3.बच्चों की तरह दौड़िये..
आपको याद है..आप आखरी बार कब दौड़े थे..
अगर स्वस्थ रहना है,तो बच्चों की तरह दौड़िये..।
4.बच्चों की तरह खाइये..
बच्चें तब ही खाते है,जब उन्हें भूख लगता है और उतना ही खाता है,जितने की भूख रहती है..
और हम आप क्या करते है..पता ही है,पसंद की चीज मिले तो भूख न होने पर भी खा लेते है..इसीलिए तो सीने की जगह पेट आगे निकल जाता है..😊
5.धूप में समय बिताइए..
आपको अपना बचपन याद है,कितनी दफा माँ-बाप से बात सुनने को मिला होगा धूप में नही खेलना है..।और आज हम अपने बच्चों को भी कह रहे है,धूप में नही खेलना है..
खुद विटामिन-D लेने के लिए बीच पे जाते है..😊
अगर स्वस्थ रहना है,तो इन प्यारे बच्चों के साथ समय बिताइए..
आप मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से स्वस्थ रहेंगे..।।
इस भागदौड़ भरी जिंदगी में,
इन बच्चों को भी प्यार चाहिए..
इस सोशल मीडिया के दौड़ में,
इन्हें भी लाइक और सब्सक्राइब चाहिए..।
हम जितना ख्याल अपने गेजेट का रखता है
उतने ही ख्याल की उम्मीद ये हमसे रखते है..।
ध्यान रखिएगा इनका..
कंही गलती से गलती न हो जाये इनके परवरिश में,
नही तो अनफॉलो करने लगेंगे ये..
क्योंकि सोशल मीडिया के युग के बच्चे है ये..।
इस भागदौड़ भरी जिंदगी में,
इन बच्चों को भी प्यार चाहिए..
इस सोशल मीडिया के दौड़ में,
इन्हें भी लाइक और सब्सक्राइब चाहिए..।

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