शुक्रवार, 21 नवंबर 2025

ये उम्मीद ही तो है..

जब किसी को तुमसे उम्मीद न हो..
तो तब तुम खुद से उम्मीद रखो,
कोई रखें या न रखें तुम जरूर खुद से उम्मीद रखों..
ये उम्मीद ही तो है...
जो जीने का हौंसला देता है,
ये उम्मीद ही तो है..
जो असंभव को संभव बनाता है..
ये उम्मीद ही तो है..
जो नर को नारायण बनाता है..
ये उम्मीद ही तो है,
जो दानव को देवता बनाता है..
ये उम्मीद ही तो है..
जो नही है,उस से भी साक्षात्कार कराता है..
ये उम्मीद ही तो है..
जो कल का सूरज दिखाता है..
ये उम्मीद ही तो है..

बिना उम्मीद के यंहा, कंहा कुछ है..
उम्मीद की ज्योत तबतक जलाये रखो..
जबतक सांस और धड़कन चल रही है..
क्या पता कब उम्मीद की किरण आये..
और जिंदगी की दिशा बदल दे..।
ये उम्मीद ही तो है.


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