गुरुवार, 20 नवंबर 2025

मैं हारा नही हूँ..

मैं हारा नही हूँ, ना ही थका हूँ,
मैं तो सिर्फ राह से भटक गया हूँ,
मुझे अब भी उम्मीद है..
कभी तो खुद को सही राह पर लाऊंगा..
और अपनी मंजिल को पा जाऊंगा..
मैं हारा नही हूँ, ना ही थका हूँ...।



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