तो सोचा..क्या जबाब दू..
क्योंकि ऑप्शन(विकल्प) ही क्या है..
अच्छे होने के सिवा..🙂
अगर कहु बुरा हूं...।
तो लंबी कहानी सुननी पड़ेगी..
मगर आज किसके पास समय है..कहानी सुनने की..
क्योंकि जो लोग 30सेकेंड का शार्ट/रील पूरा नही देख पाते,
वो कंहा से हमारी कहानी सुन पाएंगे..।
इसीलिए कोई पूछे..
अच्छे हो..
तो जबाब देना..
हां बिल्कुल अच्छा हूँ..।
क्योंकि इसके बाद वो कुछ नही पूछेंगे..।
अगर तुम मुस्कुराते हुए जबाब दिए..
तो वो स्वयं से पूछेंगे,ये मुस्कुरा क्यों रहा है..।
अगर हँस के जबाब दिए..
तो सोचो...वो क्या सोचेंगे..।
ये इतना खुश क्यों है..।।
सच कहूं तो आपको किसी की परवाह नही है..
सिर्फ कुछ लोगों को छोड़कर..।
पता है क्यों..??
क्योंकि आपको..
खुद की ही परवाह नही है..।
अगर किसी ने पूछा...
अच्छे हो..
तो मुस्कुरा के जबाब देना..
हां बिल्कुल अच्छा हूँ..
क्योंकि ऑप्शन ही क्या है..।।

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