क्योंकि क्या मिलेगा उदास होकर..।
अगर किसी की सहानुभूति मिल भी गई तो उससे क्या होगा..।
ये सहानुभूति भी क्षणभंगुर होगी..
इसलिए जब उदास हो..तो उदास मत हो..।
तुम्हारे उदासी भरे चेहरे से शायद ही कोई करीब आएगा..
अक्सरहाँ लोग सिर्फ दूरियां और बातें बनाएंगे..
और जो तुम्हारा कद है उसे गिराएंगे..
इसीलिए जब उदास हो..तो उदास मत हो..।
इन उदासी भरे चेहरे से नूर नही सिर्फ नून ही टपकेगा..😊
और तुम्हारे आसपास ही नही बल्कि तुम्हारे जिंदगी को भी तुम्हारी उदासी
नमकीन बना देगी..
इसीलिए जब उदास हो..तो उदास मत हो..।

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