अक्सरहाँ जब मैं उदास होता हूँ,वैसे होता नही हूँ..😊
या फिर क्या करूँ,क्या न करू.. की स्थिति उपजती है,तो मैं अपने मोबाइल/टेब पर शतंरज♟️ खेलता हूँ..अक्सरहाँ हारता हूँ, या फिर जीतता हूँ..मगर अक्सरहाँ हारता ही हूँ..😀।
अभी खेलते-खेलते कुछ सीखने को मिला..वैसे अक्सरहाँ मिलता है..मगर आज मैंने उस सीख को कागज पे उतारा..फिर सोचा क्यों न ब्लॉग पर ही लिखू..और यंही तक नही रुका मैं,फिर मैंने सोचा..हरेक लेवल से जो सीख मिलेगी उसे एक किताब का रूप दूंगा..😊।
आज मैंने..
67वे लेवल.. से सीखा...•हमारा पहला कदम ही जीत का नींव रखता है,और साथ ही जीत और हार का दिशा तय करता है..
(हमारा दिन कैसा होगा,अक्सरहाँ हमारे सुबह के शुरुआत से तय हो जाता है,मगर मैं इससे सहमत नही हूँ..😊हां कभी-कभी ऐसा होता होगा..वैसे आप अपने दिन को कभी भी खुशनुमा बना सकते है..चेहरे पे एक मुस्कान😊 लाकर..
मुस्कुराइए..😊 क्योंकि आप जिंदा है..और जिंदा इंसान कुछ भी कर सकता है..।)
●कभी-कभी हमें आगे बढ़ने के लिए मदद की जरूरत पड़ती है...अगर मदद नही लिया तो...जंहा अटके है,वंहा न जाने कबतक अटके रहेंगे इसका पता नही चलेगा..दिन,सप्ताह,महीना,साल या ताउम्र..।
इसलिए आगे बढ़ने के लिए मदद लेने से झिझके नही..मदद ले और आगे बढें.. अपने झिझक को तोड़े..।
(मगर अफसोस हम जैसे कुछ लोग है,जिनकी झिझक टूटती ही नही😊..जिनका खामियाजा उन्हें ताउम्र भुगतना पड़ता है..😢)
मगर एक बात तो है..जब आप बिना मदद के आगे बढ़ते है..और सफल होते है,तो उसका सुकून ही कुछ और होता है..😊और ये सुकून हमेशा आपको सुकून देता है..।
मगर इसका दूसरा पहलू भी है..
अगर आप सफल नही हुए तो..🤔
इसलिए मदद लेने से हिचकिये मत..😊।
आगे बढ़ना है तो मदद लीजिये..चाहे वो आपका दुश्मन ही क्यों न हो..उससे भी मदद लीजिये।

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