मेरी माँ,
मंगलवार, 2 जुलाई 2024
सोमवार, 1 जुलाई 2024
हमें लगता है..
हमें लगता है वो बुरा है,
क्योंकि उसकी हरकतें,आदतें सब बुरे है..।
सच कहूं तो मैं ही कंहा अच्छा हूं..??
मुझमें भी, तो ढेर सारी कमियां है..
जबतक मैं अपनी कमियों को दूर न कर लूं..
तबतक हमें किसी को बुरा कहने का अधिकार नही..।
अपनी कमियां कंहा दिखती है किसीको..
अगर दिख भी जाये किसी को ..
तो कितने ऐसे लोग है जो अपनी गलतियां स्वीकार करते है..
जो स्वीकार कर उसे दूर कर लेते है..
उन्हें फिर किसी मे कमियां दिखती ही नही..।।
रविवार, 30 जून 2024
धैर्य परिणाम बदल सकता है..
गीता में श्रीकृष्ण कहते है..
कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन। मा कर्मफलहेतुर्भूर्मा ते सङ्गोऽस्त्वकर्मणि॥
हमारा अधिकार सिर्फ कर्म पर है,कर्म के फल पर नही..
कल रात सभी भरतीय को लग रहा था कि अब तो मैच हाथ से गया..जब 30 बॉल में 30 रन बनाना हो और क्रीच पर #क्लासेन और #मिलर जैसे धुरंधर बल्लेबाज हो..तो स्वाभिक है कि हम जीत का आस नही कर सकते है..
मगर भविष्य के गर्भ में क्या है,ये कौन जानता था..
जब 15वे ओवर में क्लासेन अक्षर पटेल के ओवर में 24 रन बटोर लेता है, और साउथ अफ्रीका को जीत के मुहाने पर खड़ा कर देता है,
और हम भारतीय उम्मीद खो बैठते है..
मगर 17वे ओवर में जब #हार्दिक पहली गेंद पर क्लासेन को आउट करते है तो हमारी उम्मीद फिर जग जाती है.
और जब 18वे ओवर में #बुमराह ने येनसेन को आउट किया तो लगा कि अब जीत जाएंगे..
19वे ओवर में #अर्शदीप की सधी हुई गेंदबाजी ने बहुत उम्मीद जगा दी..
मगर अंतिम ओवर में #पांड्या के पहली बॉल पर मिलर ने बाउंड्री मारने की प्रयास की, मगर बाउंडरी पर खड़े #सूर्यकुमार यादव उस छक्के को कैच में तब्दील कर दिया..
अब हमें लग रहा था जीत जाएंगे मगर दूसरी बॉल पे रवाडा ने बाउंडरी मार दी.. थोड़ी धड़कन बढ़ी मगर फिर रवाड़ा भी कैच आउट हो गया..
और इस तरह हम हारी हुई बाजी जीत गए..
इस जीत के एक नही कई नायक थे..
#विराट कोहली जो अपने परफॉर्मेंस से नाराज थे उन्होंने फाइनल में सारा कसर निकाल दिया..
#हार्दिक पंड्या जिसे कुछ महीने पहले तक(IPL) इतना ट्रोल किया जा रहा था की,अगर वंहा और कोई रहता तो टूट जाता,मगर वो टूटा नही उसने लड़ा..आज उसने 150करोड़ भारतीयों को जश्न मनाने का अवसर दिया..
#बुमराह इनका कोई जबाब नही, ये हमेशा संकट मोचन का काम करते है..जब भी टीम कठिनाई में फंसी रहती है,इसे उबारते है..
#अर्शदीप सिंह.. ने खुद को इतना निखारा है कि पता ही नही चल रहा है कि क्या वे वही अर्शदीप सिंह है,जिसे लोग 2 साल पहले ट्रोल कर रहे थे..
#रोहित शर्मा इनकी यात्रा आसान नही थी..मगर वो यात्रा भी क्या जिसमें रोमांच न हो..ढेर सारे मलाल थे,इस जीत ने कई मलाल को खत्म कर दिए होंगे..।
इस जीत के एक नही,हरेक कोई हीरो है..
क्योंकि जीत किसी एक कि नही बल्कि उन सबकी होती है,
जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अपना योगदान दे रहे होते है..।।
ये जीत करोड़ों युवाओं को प्रेरणा देगा..
की हार नही मानना है,क्योंकि कुछ भी हो सकता है..
इस जीत ने साबित कर दिया कि-
धैर्य परिणाम बदल देता है..
जरूरी ये नही की हम जीते या हारे,
जरूरी ये है कि हम मैदान पर अंतिम क्षणों तक दृढ़ता से टिके रहे..
जीत और हार तो लगी रहती है..
अगर हम मैदान ही छोड़ दे तो..
इन दोनों में से किसी का रसास्वादन नही कर पाएंगे..
इसीलिए मैदान पे टिके रहना जरूरी है..
यही तो जीवन है..
गुरुवार, 20 जून 2024
जिंदगी एक यात्रा है..
जिंदगी एक यात्रा है..
अनवरत चलने वाली..
कभी न खत्म होने वाली..
जिंदगी एक यात्रा है..
इस यात्रा में सिर्फ पड़ाव आते है..
कुछ वंही रुककर,
ताउम्र के लिए वंहा आशियाना बना लेते है..
तो कुछ..
उस पड़ाव को छोड़कर,
अगले पड़ाव की ओर निकल जाते है..
जितना पड़ाव पार करते जाएंगे..
उतना जिंदगी का रसास्वादन करते जाएंगे..
जिंदगी एक यात्रा है..
अनवरत चलने वाली..
कभी न खत्म होने वाली..
जिंदगी की इस यात्रा में,
सबको किसी-न-किसी पड़ाव पे एक दिन पहुंचना ही है..
मगर कुछ अभागे होते है..
जो कई पड़ाव को छोड़कर,
आगे ऐसे मुहाने पे खुद को पाते है..
जंहा से न आगे,न ही पीछे...
किसी पड़ाव का पता चलता है..
कुछ यंही रुककर शोक मनाने लगते है..
और खुद को कोसने लगते है..
मगर कुछ हिम्मत जुटाकर आगे निकल जाते है..
और एक नए पड़ाव को पा लेते है..
ये वंही लोग होते है,
जो नए कीर्तिमान रचते है...
इतिहास साक्षी है...
उन्होंने ही अपनी अमिट छाप छोड़ी है,
जिन्होंने विपरित परिस्थितियों को पार कर,
एक नए पड़ाव को पाया है..
जिंदगी एक यात्रा है..
अनवरत चलने वाली..
कभी न खत्म होने वाली..
इस यात्रा में,
सिर्फ पड़ाव आते है..
जिंदगी एक यात्रा है..
अनवरत चलने वाली..
शनिवार, 15 जून 2024
निर्णय आपको करना है..
निर्णय आपको करना है,
कि आपको क्या करना है...
इतिहास पढ़ना है..
लिखना है..
या फिर इतिहास बनना है..
हो सकता है,
आप ताउम्र या वर्तमान में तीनों में से कुछ, न कर पाए/ न कर पा रहे...
तो जरूर सोचिएगा..
इसकी परिणीति क्या होगी..??
शुक्रवार, 14 जून 2024
प्यार की पांति...तुम्हारी एक छवि..
तुम्हारी एक छवि मेरे जेहन में बस गई है..
वो हटती ही नही..
जब भी किसी और का दीदार करने की कोशिश करू..
तुम्हारी वो छवि मेरे सामने आ जाती है..
तुम्हारी वो मुस्कान मुझे तार-तार कर देती है..
तुम्हारी वो हया मुझे पागल कर देती है...
एक बार नही आजकल कई बार तुम्हारी छवि उभर कर आ जाती है.
मालूम नही क्यों..
तुम्हारी एक छवि मेरे जेहन में बस गई है..
वो हटती ही नही..
गुरुवार, 13 जून 2024
ब्रह्मांड और पृथ्वी
जब मैं इस ब्रह्मांड के बारे में सोचता हूँ तो आश्चर्यचकित होता हूँ,
जब इस ब्रह्मांड के सापेक्ष अपने पृथ्वी को देखता हूँ तो हंसी आती है..(विस्मयकारी वाली)
जब खुद को देखता हूँ..तो खुद को वैसा ही पाता हूँ..
जैसे इस ब्रह्मांड में पृथ्वी को पाता हूँ..।।
हमारा अस्तित्व भी इस पृथ्वी पर वैसा ही है,धूल-कण की तरह,
जैसे हमारा पृथ्वी का इस ब्रह्मांड में धूल कण की तरह...
जिस तरह हमारे जिंदगी का कोई ठीक नही..
उसी तरह हमारे पृथ्वी का भी कोई ठीक नही..
क्या पता कब कौन उल्का टकराएगा और पृथ्वी बूम..
इस तरह की घटनाएं रोज इस ब्रह्मांड में हो रही है..
ब्रह्मांड इतना विस्तारित है कि इसकी भनक तक भी हमें नही लग रही है..।।
जिस तरह हम एक उम्मीद में जी रहे है..
उसी तरह हमारी पृथ्वी भी,उम्मीद पर अपने कक्ष पर घूम रही है..की सब कुछ अच्छा होगा..
मगर आपको जानकर हैरान होगा कि पिछले 300 वर्षों में हम मनुष्यों ने पृथ्वी की 90% वनस्पतियों और जन्तुओ का समूल नाश कर दिया है.. और ये अभी भी जारी है..
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