🧘YOGA🧘 for Digestive System & Metabolism
◆मयूरासन (Peacock Pose)
•वैज्ञानिक साक्ष्य: यह आसन पेट की महाधमनी (Abdominal Aorta) पर हल्का दबाव डालता है।शोध के अनुसार, जब इस आसन को छोड़ते हैं, तो लिवर, अग्न्याशय और आंतों में ऑक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह तेजी से बढ़ता है।
•प्रभाव: यह 'एंटेरिक नर्वस सिस्टम' (Enteric Nervous System) को उत्तेजित करता है, जिससे पाचन में सुधार होता है और शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं।
◆अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Half Spinal Twist)
वैज्ञानिक साक्ष्य: पेट को घुमाने (Twisting) वाले आसन बृहदान्त्र (Large Intestine) पर यांत्रिक दबाव डालते हैं।
प्रभाव: यह पुरानी कब्ज को दूर करने और आंतों की सफाई में अत्यंत प्रभावी है।
◆अग्निसार क्रिया और बीएमआर (BMR)
वैज्ञानिक साक्ष्य: पेट की मांसपेशियों का तेजी से संकुचन कर कोर के तापमान को बढ़ाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि यह बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) को बढ़ाता है और पित्ताशय (Gallbladder) की कार्यक्षमता में सुधार करता है।
प्रभाव: यह पेट की चर्बी कम करने और चयापचय संबंधी विकारों को दूर करने में सहायक है।
◆ शीतली प्राणायाम और एसिड रिफ्लक्स
- वैज्ञानिक साक्ष्य: शीतली प्राणायाम का पेट की श्लेष्म झिल्ली (Mucosal lining) पर ठंडा प्रभाव पड़ता है। वैज्ञानिक परीक्षणों ने GERD (एसिडिटी) के लक्षणों को कम करने में इसकी प्रभावशीलता की पुष्टि की है।
- प्रभाव: यह पेट की जलन को शांत करता है और तंत्रिका तंत्र को आराम पहुँचाता है।

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