मंगलवार, 11 जून 2024

क्या पता..

माना कि हार निश्चित है..
इसका मतलब ये नही की मैदान छोड़ दूं…
असली योद्धा तो वो है,
जो ये जानकर भी लड़ रहा है,कि हार निश्चित है..
बस एक आस में लड़ रहा है..
क्या पता कब किस्मत साथ दे-दे..और
हारी हुई बाजी को जीत में तब्दील कर दे..

मैंने जीत को हार में,
और हार को जीत में,
तब्दील होते हुए देखा है..
बस शर्त एक है..
मैदान पे डटे रहना है..
या तो इतिहास बन जाऊंगा..
या फिर इतिहास में कंही खो जाऊंगा..।।


रविवार, 2 जून 2024

क्या पता कल क्या होगा..

मैं वो फूल बन चुका हूं,
जिसकी सारी पंखुड़ियां बिखर चुकी है..
मगर अभी भी डाल से जुड़ा हुआ हूँ,
न जाने किस आस में..
कब क्या, प्रकृति का कोई करिश्मा हो जाये..
इसी आस में डटा हुआ हूँ..
ये जानते हुए भी..की कुछ नही होनेवाला
मगर फिर भी डटा हुआ हूँ..
कुछ तो जरूर होगा..
भले फिर से पंखुड़ियां न लगे..
क्या पता बीज का ही निर्माण हो जाये..
और ये बीज बिखर कर ढेर सारे पौधे में तब्दील हो जाये..
और इन पौधों पे ढेर सारे फूल खिल जाए..
और इनकी पंखुड़ियां हवा में उड़कर 
ढेर सारी खुशबुएं बिखेर जाए..।।

क्या पता कल क्या होगा..
मगर जो भी होगा अच्छे के लिए ही होगा..।।

रविवार, 12 मई 2024

माँ..

माँ..
मैं किसे कहु माँ..
जिसने मुझे जन्म दिया..
या जिस-जिस ने निःस्वार्थ स्नेह किया..??



नहीं..
जिस-जिस ने निःस्वार्थ स्नेह किया..
काश उन सबको कह सकू माँ..

मेरी दादी जो मुझसे असीम स्नेह करती है..
मेरी बुआ/चाची जो मुझे लाड़-प्यार करती है..
मेरी बहनें जो मेरे हिस्से का दुःख भी सहन करती है..
मेरी भांजिया/भतीजियां जो अपनी मुस्कान से मेरे सारे परेशानियां दूर कर देती है..

माँ..
मैं,ऋणी हूँ, इनसबका कभी उऋण नही हो पाऊंगा..

माँ..
मैं किसे कहु माँ..??
जिसने मुझे जन्म दिया..
या जिस-जिस ने निःस्वार्थ स्नेह किया..??

इस धरा का क्या..
जिसे जन्म से लेकर, अभी तक पाँवो से रौंद रहा हूँ..
उन पेड़-पौधों,पर्वत-पठार,नदी-झरने,सूर्य और चांद का क्या...??
जो मेरे जीवन को सवांर रहे है..
इस प्रकृति का क्या...??
जो मेरी आवाज को सिर्फ सुन ही नही रहा,
बल्कि मेरी इच्छाओं को पूर्ति करने में भी योगदान दे रहा है..

माँ..
मैं किसे कहु माँ..
जिसने मुझे जन्म दिया..
या जिस-जिस ने निःस्वार्थ स्नेह किया..??

माँ..
आपका स्थान कोई और नही ले सकता है...
क्योंकि मेरे जनते वक़्त..
जो पीड़ा आपने सही,वो कोई और कैसे सह सकता है..
बचपन में, मेरे झूठे रुआंसी को आपके सिवा और कोई नही पहचान सकता था..
अभी भी आपको याद करते ही,आपका फ़ोन आ जाना..
ये चमत्कार और कोई नही कर सकता है..
माँ आपका स्थान कोई और नही ले सकता है..
क्योंकि आपका स्नेह कभी नही बंटता..
बाकी सबका समय के साथ बंट जाता है...

माँ..
मैं किसे कहु माँ..
जिसने मुझे जन्म दिया..
या जिस-जिस ने निःस्वार्थ स्नेह किया..??






शुक्रवार, 10 मई 2024

वो जिंदगी भी..

वो जिंदगी भी जिंदगी क्या..
जिस जिंदगी में संघर्ष ना हो..
वो संघर्ष भी संघर्ष क्या..
जिस संघर्ष में,
अस्तित्व दांव पर न लगा हो..
वो जिंदगी भी जिंदगी क्या..
जिस जिंदगी में संघर्ष ना हो..।।



यंहा कौन है..??
जिसके जीवन में संघर्ष नही..
अगर कोई है..
तो उसका जीवन भी क्या जीवन है..
जिसके जीवन मे संघर्ष नही..

संघर्ष ही तो मनुष्य को निखारता है..
और निखारकर एक नया स्वरूप प्रदान करता है..
सिर्फ इतिहास ही नहीं,
वर्तमान भी भरी-पड़ी है..
संघर्षों की गाथाओं से..
जिसका संघर्ष जितना बड़ा था..
उसने उतनी बड़ी छाप छोड़ी...

तो फिर हम क्यों संघर्ष से भाग रहे है..??
हमें तो, अपने संघर्षों का आलिंगन करना चाहिए..
क्योंकि ये संघर्ष ही तो हमें निखारकर..
एक नई पहचान देगी..

वो जिंदगी भी जिंदगी क्या....
जिस जिंदगी में संघर्ष ना हो..


शनिवार, 27 अप्रैल 2024

आत्महत्या किसी एक व्यक्ति द्वारा खुद को मारने की प्रक्रिया नही,बल्कि एक परिवार,समाज द्वारा मारने की प्रक्रिया है..।।

अगर कोई आत्महत्या करता है तो उसके लिए सिर्फ वही व्यक्ति नही बल्कि पूरा परिवार और समाज उसके लिए जिम्मेदार होता है..।।

सोमवार, 22 अप्रैल 2024

ब्रेकर



आपने कभी कोई गाड़ी या साईकल जरूर चलाई होगी..
जब आप चलाते वक्त पूर्णतया मिजाज में होते हो और अपने यात्रा का आनंद ले रहे होते है कि अचानक ब्रेकर आ जाता है..
और आपका पूरा मिजाज गड़बड़ हो जाता है..
ऐसा हमसब के साथ कभी न कभी जरूर होता है..

आखिर रास्ते पर उस ब्रेकर की क्या अहमियत है..
आपने कभी सोचा है..??
सोचिए..🤔
उस ब्रेकर का वंहा होने का एक ही उद्देश्य होता है..
और उसका उद्देश्य हमें सतर्क,सावधान और जागृत करने के लिए होता है कि आप सड़क पे है..।।

इसी तरह हमारे जिंदगी में भी ब्रेकर आते है..
और वो ब्रेकर हमारी असफलता की तरह आते है..
इसिलिय अपनी असफलता से घबराए नही बल्कि सतर्क हो जाये..
क्योंकि आप जिंदगी की रेस में दौड़ रहे है..
और आपकी असफलता आपको जागृत करने के लिए आई है,आपके अपने कमियों को दूर करने के लिए आई है..।।

"असफलता सिर्फ असफलता ही नही,
  बल्कि सफलता की कुंजी है.."


इसिलिय जब भी असफल हो तो उस सड़क के ब्रेकर को याद करें..जो आपको याद दिलाती है कि आप सड़क पे है..और ब्रेकर आएगा ही..अगर हम सतर्क और जागृत रहे तो सफर अच्छा गुजरेगा....

आपकी असफलता अगर आपको हताश और निराश करती है तो बुरा नही है..
मगर आपकी असफलता आपके अंदर फिर से लड़ने को खून का उबाल नही भरती हो..
फिर से जितने का जोश ना भरती हो..
सारी हदों से गुजर जाने को विवश न करती हो..
तो सोचना जरूरी है..की क्या आप जीतना चाहते है..??


रविवार, 21 अप्रैल 2024

असफलता से सफलता की और



कहानियां सबको पसंद है..
मगर असफल लोगो की नही सफल लोगो की..
उन कहानियों में कुछ ही कहानियां प्रचलित होती है..
जिन कहानियों में संघर्ष की खुशबू और असम्भव सी प्रतीत होने वाली सफलता समाहित होती है..

मेरी भी कहानियां प्रचलित होने वाली है..
क्योंकि मेरी भी कहानियां असम्भव को संभव करने वाली है..
मैं आज,अभी कुछ भी नही हूँ,मेरा कोई अस्तित्व नही है..
मगर कल किसने देखा है..
कल मेरी भी कहानियां प्रचलित होगी..
क्योंकि असफलता को सफलता में परिवर्तित करने जा रहा हूँ
एक नया कीर्तिमान रचने जा रहा हूँ..
एक नया अध्याय लिखने जा रहा हूँ..
जो बहुत कुछ बदलने वाला है..
क्योंकि मैं,अपनी असफलताओं को पीछे छोड़ सफलता की और जा रहा हूँ..