शुक्रवार, 13 मार्च 2026
हम किस और जा रहें है..।
गुरुवार, 12 मार्च 2026
Yoga for Digestive System & Metabolism
🧘YOGA🧘 for Digestive System & Metabolism
◆मयूरासन (Peacock Pose)
•वैज्ञानिक साक्ष्य: यह आसन पेट की महाधमनी (Abdominal Aorta) पर हल्का दबाव डालता है।शोध के अनुसार, जब इस आसन को छोड़ते हैं, तो लिवर, अग्न्याशय और आंतों में ऑक्सीजन युक्त रक्त का प्रवाह तेजी से बढ़ता है।
•प्रभाव: यह 'एंटेरिक नर्वस सिस्टम' (Enteric Nervous System) को उत्तेजित करता है, जिससे पाचन में सुधार होता है और शरीर से विषाक्त पदार्थ बाहर निकलते हैं।
◆अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Half Spinal Twist)
वैज्ञानिक साक्ष्य: पेट को घुमाने (Twisting) वाले आसन बृहदान्त्र (Large Intestine) पर यांत्रिक दबाव डालते हैं।
प्रभाव: यह पुरानी कब्ज को दूर करने और आंतों की सफाई में अत्यंत प्रभावी है।
◆अग्निसार क्रिया और बीएमआर (BMR)
वैज्ञानिक साक्ष्य: पेट की मांसपेशियों का तेजी से संकुचन कर कोर के तापमान को बढ़ाता है। अध्ययनों से पता चलता है कि यह बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) को बढ़ाता है और पित्ताशय (Gallbladder) की कार्यक्षमता में सुधार करता है।
प्रभाव: यह पेट की चर्बी कम करने और चयापचय संबंधी विकारों को दूर करने में सहायक है।
◆ शीतली प्राणायाम और एसिड रिफ्लक्स
- वैज्ञानिक साक्ष्य: शीतली प्राणायाम का पेट की श्लेष्म झिल्ली (Mucosal lining) पर ठंडा प्रभाव पड़ता है। वैज्ञानिक परीक्षणों ने GERD (एसिडिटी) के लक्षणों को कम करने में इसकी प्रभावशीलता की पुष्टि की है।
- प्रभाव: यह पेट की जलन को शांत करता है और तंत्रिका तंत्र को आराम पहुँचाता है।
महिलाएं पुरुष से बेहतर क्यों है..??
बुधवार, 11 मार्च 2026
No Smoking🚭 Day..
क्या आपको पता है..भारत में हरेक साल स्मोकिंग🚬 के कारण 14 लाख से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो जाती है..।
आपको ये जानकर और हैरानी होगी कि सेकंड हैंड स्मोकिंग(SHS)( दूसरे के पीने के कारण प्रभाव) के कारण 4 लाख से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो जाती है..।(अगर आप स्मोकिंग नही करते मगर आपके साथ रहने वाले लोग अगर स्मोकिंग करते है तो उनसे दूरियां बना ले.)
भारत की 29% आबादी आज स्मोकिंग 🚬के चंगुल में फंसा हुआ है..इसमें सिगरेट के अलावा स्मोकलेस टोबेको(बिना धुंए वाला तंबाकू) जैसे पान मसाला,खैनी इत्यदि का सेवन करने वाले दुनिया में 70% भारतीय ही है..।।
क्या आपको पता है..हावड़ा ब्रिज कमजोर हो गया है..क्योंकि हम भारतीयों ने गुटखा खाकर थूक-थूक कर उसे कमजोर कर दिया है..🤔।
भारत दुनिया मे दूसरा सबसे बड़ा तंबाकू का उपभोक्ता और उत्पादक है.. जिसके कारण औसतन 6-10 साल पहले लोग अपनी जीवन गंवा देते है..। क्योंकि लोग फेफड़ों के कैंसर(80%मौतें धूम्रपान के कारण),स्वसन रोग,हृदय रोग, टाइप-2 डाइबिटीज, हड्डियां संबंधित रोग, प्रजनन क्षमता का कम होना, आंख की समस्या, मानसिक समस्या.. इत्यादि रोगों से लोग जूझ रहे है..।
आपको जानकर हैरानी होगी कि..
भारत की तंबाकू कंपनियां का राजस्व हरेक साल 10% के औसत से निरंतर बढ़ता ही जा रहा है..।
जबकि सरकार के कुल राजस्व में तंबाकु से होने वाली हिस्सेदारी 2-2.5% है..सरकार हरेक साल तंबाकु उत्पादों पे GST, सेस और एक्साइस टैक्स लगाकर लगभग 50000₹करोड़ से लेकर 60000₹ करोड़ का राजस्व हासिल करता है..।
जबकि सरकार को तंबाकु से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान की भरपाई में सिर्फ 1.77 लाख करोड़ है..।यानी सरकार को लगभग 3-4 गुणा अधिक खर्च करना पड़ता है..।जोकि एक मजाक है लगता है..मगर सोचने वाली बात ये है कि,अगर सरकार को नुकसान हो रहा है तो वो इसे पूर्ण प्रतिबंधित क्यों नही करते जबकि वास्तविकता ये है कि सरकार के राजस्व में हरेक साल इसकी हिस्सेदारी बढ़ती ही जा रही है..।।
क्या हम स्मोकिंग छोड़ सकते है..??
शायद नही,या फिर हां.. ये हमपे निर्णय करता है,और हमारे माहौल पे और परवरिश पर निर्भर करता है..।।
अगर आप स्मोकिंग करते ही है,तो प्लीज् सार्वजनिक जगहों पे ना करें.. और प्लीज् गुटखा,पान मसाला,खैनी खाकर सार्वजनिक जगहों को रंगीन न बनाये..।
जब हम जानकर भी कोई गलती करते है,तो फिर वो गलतियां हमारे लिए अपराधबोध नही रह जाता,जबतक की उसकी कीमत न चुकाना पड़ जाए।
स्मोकिंग से छुटकारा सिर्फ महिलाएं ही दिला सकती है..मगर अफसोस आज महिलाएं खुद इसके गिरफ्त में आ रही है...।।
सोमवार, 9 मार्च 2026
इस T-20 विश्वकप से आपने क्या सीखा..??
रविवार, 8 मार्च 2026
मैं खो गया हूँ..
शनिवार, 7 मार्च 2026
वोमेन्स डे:अधिकार,न्याय और अधिकार के लिए..
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क्या सोच रहे हो तुम..?? यही सोच रहा हूँ कि.. क्या सोच रहा हूँ मैं..। सच कहूं तो.. कुछ तो सोच रहा हूँ मैं... मगर अफसोस क्या सोच रहा हूँ.. यह...
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हम सब खास(special) दिखना चाहते है.. मगर सवाल है क्यों..?? इसका सबसे बड़ा कारण है कि हम स्वयं को खास समझते ही नही..। जब हम स्वयं को खास समझने ...
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अतीत से लेकर वर्तमान तक,हम सभी दुःखो से घिरे हुए है.. आखिर क्यों..?? इस क्यों का जबाब हम अतीत से ही ढूंढते आ रहे है..हमारे ऋषियों-मनीषियों न...










