MnK
प्लीज् मुस्कुराये, क्योंकि आपके मुस्कुराने से ओरो के चेहरे पे भी मुस्कान आएगा..।।
रविवार, 31 अगस्त 2025
प्यार की पांति..इक तुम्ही थी..
इक तुम्हीं थी..
जिसे देख के दिल धड़कता था..
जबकि,तुमसे कई हसीं चेहरे देखे है मैंने..
मगर किसी के लिए कभी दिल नही धड़का..
इक तुम्हीं थी..।।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
मैं हूँ कंहा..
मालूम नही क्यों..
मालूम नही क्यों.. आपकी कमी खल रही है..। मालूम नही क्यों.. आपकी याद आ रही है..। मालूम नही क्यों.. शायद मैं स्वार्थी हूँ... इसीलिए शायद में आप...
क्या सोच रहे हो तुम..
क्या सोच रहे हो तुम..?? यही सोच रहा हूँ कि.. क्या सोच रहा हूँ मैं..। सच कहूं तो.. कुछ तो सोच रहा हूँ मैं... मगर अफसोस क्या सोच रहा हूँ.. यह...
हम सब खास दिखना चाहते है..बनना नही..।
हम सब खास(special) दिखना चाहते है.. मगर सवाल है क्यों..?? इसका सबसे बड़ा कारण है कि हम स्वयं को खास समझते ही नही..। जब हम स्वयं को खास समझने ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें