अगर हां,तो धोने के बाद आपको क्या बदलाव नजर आता है..??
गंदगी हट जाती है,पहले से ज्यादा साफ नजर आती है..।
है ना..मजेदार बात..।।
आप कहेंगे, इसमें मजेदार क्या है..??
मजेदार बात ये है कि,जब थोड़ी मेहनत करने से कपड़े के दाग धूल सकते है..तो खुद पर मेहनत करने से खुद को क्यों नही संवार सकते है..??
जिंदगी संवारने में जो सबसे बड़ी दुविधा ये है कि हम,अपने जिंदगी के किस क्षेत्र में काम करें जो संवर जाएं..
क्योंकि कपड़े के दाग दिखते है,तो हम उस जगह को साफ कर देते है..
मगर हममें जो कई दाग है,वो सिर्फ हमें ही दिखते है..इसलिये उसे दूर करने की कोशिस नही करते..
काश वो दाग सिर्फ हमें ही दिख रहे है,वो कई और को दिखता तो हम जरूर उसपे काम करते..क्योंकि कई लोग टोकते,तो कई लोग सलाह देते की ऐसे करने से ये सही हो जाएगा..।।
मगर अफसोस जो दाग सिर्फ हमे ही दिख रहे है वो दिन-प्रतिदिन इतना गहरा होता जाता है कि उसे धुलना नामुमकिन लगता है..कई बार प्रयास करने से भी असफलता हाथ लगती है..और फिर हम उस दाग को और गहरा होने देते है..।।
क्या ये दाग नही हट सकता..??
जरूर एक दृढ़ प्रतिज्ञा और सही दिशा में कार्य करने से ये दाग जरूर हटेंगे..।
•सबसे पहले अपने दाग को पहचाने..
•ये कब लगते है,और क्यों लगते है..
•क्या करें कि ये ना लगे..
इस सब पर अभी कार्य करें..
एक नोट बनाये..।
हां अभी..बनाये..
क्या आपने बनाया..
अगर नही,तो प्लीज अभी किसी पेज पे लिखें..
क्या लिखा आपने..
अगर हां..
तो आपके समस्या का समाधान मिल गया होगा..😊।।
हरेक दाग धुलते है..कोई जल्दी,तो कोई देर से..
अगर दाग ना धुले तो..??
निरंतर प्रयास से दाग जरूर धूल जाते है...
पहले जैसा ना सही..
मगर वर्तमान से बेहतर हो जाता है..।।

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