मौन हमें..
मृत बना देता है..
या फिर मृत्यु से परे पहुंचा देता है..।
मगर आप मौन क्यों है..??
ये मायने रखता है..।
क्या आप मौन वर्तमान परिस्थितियों के कारण है..?
या फिर मौन का प्रस्फुटन स्वयं ही हुआ है..?
अगर मौन का प्रस्फुटन स्वयं ही हुआ है,
तो..
आपका मौन खुशबू की तरह पूरे फिजा में फैल कर,
सबको आनंदित करेगा..।
अगर आप मौन अपने विपरित परिस्थितियों के कारण है,
तो..आपका मौन सिर्फ आपको ही नही,
बल्कि आपके आसपास वाले को भी अमावास की रात की तरह भयावह बना देगा.।।

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