कई इस जंहा में..
तुम्हीं गलतफहमी पाले हुए हो..
मुझसे बेहतर कौन है..
इस जंहा में..?
कोई बेहतर नही है..
इस जंहा में,
सब में,
कुछ-न-कुछ कमियां है ही..
इस जंहा में..
कुछ लोग अपने कमियों को दरकिनार कर..
और अपने खूबियों को निखार कर..
आगे निकल जाते है..
तो..
कुछ लोग अपने कमियों का रोना रोकर..
ताउम्र वंही के वंही रह जाते है..।
तुमसे भी बेहतर हैं,

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