शनिवार, 5 सितंबर 2026

शिक्षक कौन है..

शिक्षक संस्कृत की 'शिक्ष' धातु से बना है जिसका अर्थ होता है,सीखना।
जब 'शिक्ष' धातु में 'क'(प्रत्यय) जुड़ जाता है तब शिक्षक बन जाता है,जिसका अर्थ होता है जो हमें सिखाता है..या किसी चीज का बोध कराता है..वो है शिक्षक..।

हमारे जीवन में कई शिक्षक आते है..और सबका हमारे जीवन मे अमूल्य योगदान होता है..।
चलिये आज उन शिक्षकों को जानते है..
जिन्हें हम शिक्षक के रूप में देखते ही नहीं..।


माता-पिता - ये हमारे पहले शिक्षक होते है..जो जिंदगी का नींव रखते है..
 यही हमारे अंदर संस्कार का बीज बोते है..।
दादा-दादी/नाना-नानी - ये हमारे दूसरे शिक्षक होते है,जो हमारे अंदर किस्से कहानियों के माध्यम से हमारे अंदर नैतिकता का बीजारोपण करते है..
मगर अफसोस आज आनेवाली पीढ़ी इनके शिक्षा से वंचित होते जा रहे है..।

बड़े भाई-बहन - ये हमारे तीसरे शिक्षक होते है,जो हमें बाहरी दुनिया से अवगत कराते है,क्या सही है,क्या गलत है ये अवगत कराते रहते है..मगर न जाने बड़े होने के बाद क्या हो जाता है..इनके बीच में खाईयां बढ़ जाती है..।

शिक्षक - इनका हमारे जीवन में अहम योगदान है..अगर ये न होते तो हम इंसान नही हो पाते..ये वो कलाकार होते है जो मूर्त को अमूर्त बनाते है..।

मित्र - ये वो शिक्षक है..जिनके पास पूरे ब्रह्मांड का ज्ञान है,इनके पास हरेक समस्या का समाधान है..अगर आपके पास इस तरह के एक भी शिक्षक नहीं है तो आपका जीवन नीरस और व्यर्थ है,..।

पति/पत्नी - ये वो शिक्षक है..जो आपको फर्श से अर्श पर ले जा सकती/ता है,या फिर अर्श से फर्श पे ला देगी/गा..ये वो शिक्षक है..जो कोई नहीं कर सकता वो,ये हमारे जिंदगी के साथ कर देते है..।ये आपके व्यक्तित्व को विस्तारित या फिर संकुचित कर देते है..।

पुस्तक :- एक अच्छी पुस्तक आपके जिंदगी में आमूलचूल परिवर्तन ला सकता है,कई ऐसे पुस्तक है जो अभी..।

मेंटर/कोच :- ये जिंदगी को सही दिशा देते है..ये हमारे खामियां को दूर करते है..कभी-कभी ये उत्प्रेरक का काम करते है..और जिंदगी को नई ऊंचाइयों पे ले जाने का काम करते है..।

गुरु - इनका स्थान सबसे ऊपर है..क्योंकि ये हमें हमसे ज्यादा जानते है..ये हमारे अंदर छुपे हुए उन पहलुओं से अवगत कराते है..जिससे हम ताउम्र अनभिज्ञ रहते है..।जब हम हताश और निराश होते है तब ये ही जिंदगी में प्रकाश बिखेरते है..।मगर गुरु को ढूंढना बहुत मुश्किल है..अपने आप को जबतक योग्य नहीं बनायेगें तबतक गुरु की कृपा नहीं हो पायेगा..।

वैसे शिक्षक कोई भी हो सकता है..क्योंकि शिक्षक का तात्पर्य ही है..जो हमें सिखाये, वही शिक्षक है..।


1 टिप्पणी:

  1. Ye avismarniya yadgaar hai isse apne jivan me inake bataye huye gyaan ko Amulya punji ki tarah sambhal kar rakhana chahiye kyunki bure vaqt me bahut hi kaam aata hai inake dwara bataye gaye choti moti kahaniyan.

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लियोनल मेसी..