शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

अपने बच्चों को कृष्ण के चरित्र से अवगत कराए..

अपने बच्चों को सिर्फ राधा कृष्ण के रूप में न सजाए..
बल्कि उन्हें राधा कृष्ण के चरित्र से भी अवगत कराएं..
वैसे पहले आप स्वयं अवगत हो जाये..।
क्योंकि आप स्वयं उनके चरित्र से अवगत नहीं है..
क्योंकि अगर आप उनके चरित्र से अवगत होते..
तो शायद आप कभी नही चाहते कि..
आपके बच्चों के ऊपर कृष्ण और राधा की परछाइयां भी पड़े..।




चलिये कुछ सवाल का जबाब दीजिए..

क्या आप चाहते कि बच्चे को जन्म देते ही उसे आपसे अलग कर दिया जाय..(कारगाह में जन्म के बाद माँ से अलग होना)

क्या आपके पास इतनी हिम्मत है कि जिस बच्चे को आपने बचपन से पाला-पोसा उसे ~11 साल के उम्र में मौत के मुँह में भेजे..।
(कंस के बुलावे पे वृंदावन छोड़कर मथुरा जाना..)

क्या आप चाहते कि आपके संतान को सबकुछ छोड़ करके एक जगह से दूसरे जगह जाना पड़े..(जरासंध के बार-बार आक्रमण करने के कारण मथुरा छोड़कर द्वारिका जाना)

क्या आप चाहते कि आपके संतान को उस चीज के लिए दोषी ठहराया जाय जो गलती उसने किया ही नही है..।(युद्ध समाप्ति के बाद गांधारी द्वारा युद्ध का दोषी ठहराना)

जरा सोचिए..
क्या आप अब भी चाहते है के आपके बच्चों के जिंदगी में इस तरह की कठिनाई आये..एक माँ होने के नाते आप कभी नही चाहेंगे..
मगर कृष्ण को श्रीकृष्ण इन्हीं कठिनाइयों ने बनाया..
उन्होंने हरेक चुनौतियों को स्वीकार किया और उनका सामना किया..
उन्होंने किसी के ऊपर दोसरोपन नही किया..न ही चुनौतियों से भागने का कोशिस किया..इसिलिय वो कृष्ण से श्रीकृष्ण बन पाए..।।

अपने बच्चों को कृष्ण के व्यक्तित्व से अवगत कराएं..
उन्हें चुनौतियों से सामना करना सिखाया..
न कि उसे गोल-मटोल गोपाल बनाकर उत्सव मनाए..।
इस जन्माष्टमी अपने बच्चों में कृष्ण के व्यक्तित्व का बीज बोए..
जो उन्हें आने वाले परिस्थितियों से सामना करने में मदद करें..।

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लियोनल मेसी..