आखिर क्यों..??
है न बड़ा अजीब सवाल..।
आपको याद है..
आप आखरी बार,खुद के लिए सुंदर कब बने थे..??
नही याद होगा..
क्योंकि हम खुद के लिए सुंदर बनते ही नही..
बल्कि लोग क्या कहेंगे..
इसके लिए सुंदर बनते है..और अपनी सुंदरता का दिखावा करते है।
हमें सुंदर क्या बनाता है..??
क्या हमारे कपड़े,गहने या फिर हमारा सौंदर्य प्रसाधन..
शायद ये सब नही..
मगर ये वास्तविकता नही है..
ये हमें सुंदर नही, बल्कि हमारे सुंदरता में चार चांद लगाते है..।
तो फिर हमें सुंदर कौन बनाता है..??
हमें आकर्षक कौन बनाता है..??
इन सबका सिर्फ जबाब ही नही हमें मालूम है बल्कि..
हम सब इन खूबियों से लबरेज है..।।
वो चीज आखिर है क्या..??
वो चीज..
आपके चेहरे पे है..
और वो है..
आपकी मुस्कान..।।
कृष्ण सुंदर है अपने मुस्कान के कारण..
कृष्ण सौम्य है,अपने मुस्कान के कारण..
कृष्ण आराध्य है,अपने मुस्कान के कारण..।।
ये मुस्कान सिर्फ मुस्कान ही नही है..
बल्कि स्वयं से आत्मसाक्षात्कार कराने का साधन है..।।
इसीलिए मुस्कुराइए..
खुद के लिए..

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