वो दूरियां बना रही है तो बनाने दो न..
तुम क्यों उसके करीब जा रहें हो..।
जो चीज तुम्हारी कभी थी ही नही..
उसे पाने को व्यर्थ प्रयत्न क्यों करना..।
जो तुम्हारे हिस्से में है..
वो तुम्हारे हिस्से में आकर ही रहेगा..।
जो नही है,
उसे पाने का क्यों व्यर्थ प्रयत्न करना..।
वो गलती से जिंदगी का हिस्सा बन भी गई..
तो तुम्हीं बताओ जिंदगी कैसी होगी..??
वो दूरियां बना रही है तो बनाने दो न..
तुम क्यों उसके करीब जा रहें हो..।

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