शुक्रवार, 20 फ़रवरी 2026

मन करता है

मन करता है.. 
चुपचाप तुम्हारे साथ खामोश बैठूं..
घंटो तलक..तुम्हारे साथ बैठूं..
ना तुम कुछ बोलो..
ना मैं कुछ बोलू..।
बस मौन के द्वारा ही सबकुछ बयां करू..
मन करता है...
चुपचाप तुम्हारे साथ खामोश बैठूँ..।

तुम अपना सर्... 
मेरे कंधे पर रखकर..
पूरा ब्रह्मांड निघांरो..
और मैं, 
तुममें...
पूरा ब्रह्मांड निघारू..।
ना तुम कुछ बोलो..
ना मैं कुछ बोलू..
बस मौन के द्वारा ही सबकुछ बयां करू..।
मन करता है...
चुपचाप तुम्हारे साथ खामोश बैठूँ..।



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