हम अपने मंजिल पर पहुंच ही न सकें..
हमारे पास हमेशा इतना समय होता है कि..
हम अपने मंजिल पर पहुंच सकें..।
जिस समय आप..
अपने मंजिल के बारे में..
सोचना बंद कर देते है..
उस समय आप..
अपने मंजिल से बहुत दूर हो जाते है..।
हमेशा अपने मंज़िल के बारे में सोचते रहें..
क्या पता कब..
आपको अपनी मंज़िल दिख जाए..
और आप वंहा पहुंच जाए..।।
उम्मीद बनाये रखिये..
क्योंकि ये उम्मीद ही ने तो..
दुनिया को बदला है..
आप भी खुद को बदलकर..
अपने मंजिल तक जरूर पहुंच सकते है..।।

सही कहा..
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