शनिवार, 6 सितंबर 2025
बनारस और यादें..
बुधवार, 3 सितंबर 2025
क्या हुआ जो फिर गिर गए..
क्या हुआ,जो फिर गिर गए....
होंसला रख, चल खड़ा हो
और चल अपनी मंज़िल की और..।
वो तुम्ही हो,जो गिर के चलना सीखा है..
एक बार नही कई दफा गिर के चलना सीखा है..
अगर तुम डर जाते,तो क्या तुम फिर चल पाते..??
क्या हुआ जो..फिर गए..।
वो तुम्ही तो थे..
जिसे अंधेरों से कभी डर लगता था..
अब अंधेरा अच्छा लगता है..।
वो तुम्ही तो थे..
जो काम ठान लिया उसे मुकाम तक पहुचाते थे..।
वो तुम्ही तो थे..
जो हार कर फिर से एक बार जीतने को खेलते थे..
मगर फिर हार जाते थे..
मगर फिर भी खेलना नही छोड़ते थे..
क्योंकि तुमने खेला था जी जान से..।।
क्या हुआ,जो फिर गिर गए..??
गिरना तो लाज़मी है, सफर में,
क्योंकि वो सफर..
सफर ही क्या..
जिस सफर में थोड़ा ग़म और खुशियां ना हो..।
क्या हुआ,जो फिर गिर गए..??
उठ खड़ा हो..
इस विराट आसमां को देख..
और अपने हौंसले को देख..
अपने हौंसले को विराट कर,
अपने असफलता को परास्त कर..।।
क्या हुआ, जो फिर गिर गए..??
गिरना तो नियति है..
अगर गिर कर उठ ना सके तो फिर सोच ले..
क्या होगा..??
उठ खड़ा हो..
और अपने नियति से मिल..
तबतक आगे चलता चल,
जब तक अपने मुकाम को ना पा ले..।।
क्या हुआ,जो फिर गिर गए..??
अवसर कभी खत्म नही होता..
सोमवार, 1 सितंबर 2025
दाग धुलते है..
रविवार, 31 अगस्त 2025
प्यार की पांति..इक तुम्ही थी..
शनिवार, 30 अगस्त 2025
प्यार की पांति..तुम्हारा अक्स..
बुधवार, 27 अगस्त 2025
गणेश जी क्यों पूजनीय है..??
वक्र तुंड महाकाय, सूर्य कोटि समप्रभ:।
निर्विघ्नं कुरु मे देव शुभ कार्येषु सर्वदा ॥
ये मंत्र आपने जरूर कभी-न-कभी सुना होगा,क्या आपने कभी इस मंत्र का मतलब जानने का कोशिस किया है..??
"हाथी जैसे विशालकाय जिनका तेज सूर्य के सहस्त्र किरणों के समान है।आप हमेशा मेरे कार्य को बिना विघ्न के पूरा करें,एवं सदा ही मेरे शुभ की कामना करें..।"
उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार गणपति शब्द का उपयोग ऋग्वेद(2.23.1) में मिलता है। वहीं "अमरकोश" में गणपति के आठ पर्यायवाची नाम मिलते है। विनायक, विघ्नराज,द्वेमातुर, गणाधिप, एकदंत,हेरम्बा, लंबोदर एवं गजानन..।
विनायक नाम का उल्लेख अनेक पुराणों एवं बौद्ध पुस्तको में मिलता है..।
तमिल भाषा मे गणेश जी को पिल्लई या पिल्लैयार नाम से जाना जाता है।
वही बर्मा मे गणेश जी को "महा पेइने" और थाईलैंड में "खानेट" नाम से जाना जाता है..
गणेश जी सिर्फ भारत मे ही नही बल्कि अफगानिस्तान से लेकर पूरे दक्षिण पूर्व एशिया में पूजे जाते थे..उनकी अनेक छवियां चीन में भी मिले है..।।
6ठी शताब्दी से गणेश जी की मूर्ति भारत के कई क्षेत्र में बनने लगे और ये धीरे-धीरे अनेक क्षेत्र में बनता गया..।।
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हम सब खास(special) दिखना चाहते है.. मगर सवाल है क्यों..?? इसका सबसे बड़ा कारण है कि हम स्वयं को खास समझते ही नही..। जब हम स्वयं को खास समझने ...
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अतीत से लेकर वर्तमान तक,हम सभी दुःखो से घिरे हुए है.. आखिर क्यों..?? इस क्यों का जबाब हम अतीत से ही ढूंढते आ रहे है..हमारे ऋषियों-मनीषियों न...

















