किया ही होगा..
हाईवे और जिंदगी में कई समानता है..
जिंदगी भी तो एक हाईवे की तरह ही है..
ये भी कंही खत्म होती है, या फिर किसी मे मिल जाती है..
(इसपे कभी और बात करेंगे)
हाईवे और गाँव-घर के सड़कों में क्या अंतर है..??
ढेर सारे अंतर आपको नजर आ गया होगा..
मगर सबसे बड़ा अंतर ये है कि आप..हाईवे पे U-टर्न से ही गाड़ी को घुमा सकते है..मगर अन्य सड़को पर आप कंही से भी गाड़ी को घुमा सकते है..।।
माना कि आप.. हाईवे पे सफर कर रहें है और आगे से आपको U-टर्न लेना है..मगर आपका ध्यान कंही और चला जाता है और टर्निंग पीछे छूट जाता है..अब आप क्या करेंगे..??
क्योंकि आप गाड़ी को पीछे कर नही सकते क्योंकि पीछे से आ रही गाड़ी आपको ठोक देगा..क्या करेंगे आप..??
सोच रहे होंगे.. इसमें करना क्या है,आगे वाले टर्निंग से U-टर्न ले लेंगे..।
कितना आसान है..थोड़ा समय लगेगा मगर मंजिल तक तो जरूर पहुंच जाएंगे..।।
यही तो..जिंदगी के साथ होता है..
जिंदगी भी एक हाईवे की तरह है...
हममें से कई लोग असफल होने पर टूट जाते है,उन्हें लगता है जिंदगी खत्म हो गई..।
जो कि गलत है..इन हाईवे के तरह,आगे एक और U-टर्न पॉइंट है..
जो आपको मंजिल तक पहुंचा सकता है..अगर वो भी टर्निंग छूट गया तो क्या हुआ ,आगे फिर एक U-टर्न है..
आप भले ही लक्ष्य से दूर हो रहे है..मगर जब तक आपके अंदर लक्ष्य को पाने की लालसा है तबतक आपके लिए अवसर का द्वार खुला हुआ है..।।
जब आप अपने लक्ष्य को ही भूल जाएंगे...तो अवसर को कैसे पहचानेंगे..।।
इसीलिए चाहे कितनी बार भी असफल क्यों ना हो..
अपने लक्ष्य को ना भूले..
जब तक आपके अंदर लक्ष्य को पाने की लालसा है,तबतक आपको सफल होने से कोई नही रोक सकता..।।

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