शनिवार, 14 फ़रवरी 2026

शिव और धड़कन..

न जाने वर्षों बाद ऐसा हुआ..
पहले ये दिल सिर्फ उसके लिए धड़कता था..
फिर उसके गुम होने के बाद..
इसने धड़कना बंद कर दिया..।।

फिर शिव की कृपा हुई..
और इक अनजान..
इस वेबजाल में भटकते-भटकते..
मुझतक पहुंच गई..।
फिर भी ये धड़कना शुरू नही हुआ..।

न जाने आज फिर क्यों..
ये दिल फिर से धड़कना शुरू किया...।
शायद शिव के करीब जा रहा हूँ मैं..
या फिर शिव ही मेरे करीब आ रहे है..।
बिना शिव के चाहे, क्या होता है..
वो जो चाहे..सो होता है..।।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

शिव और धड़कन..