तो आप..
दूसरों को भी जिंदा रख सकते है..।
इसीलिए जिंदा रहना जरूरी है..।
जिंदा होने से तात्पर्य सांस चलने से नही है..
बल्कि जिंदा होने का अहसास..
दूसरों को करवाने से है..।
अगर आप अपने जिंदा होने का अहसास दूसरों को नही करवा रहे है..
तो आप उनके लिए जिंदा नही है...।।
तो फिर क्या करें..
अपने मौजूदगी और अपने जिंदा होने का अहसास करवाये..।
अपने चाहने और जाननेवालों से जुड़े..अब जुड़ना आसान है..
एक क्लिक करते ही आप उनके लिए जिंदा हो सकते है..।
जिन्हें आप नही जानते है..
उन्हें अपनी मौजूदगी का अहसास अपने मुस्कान से कराए..
हमेशा मुस्कुराते रहें..क्योंकि..
आपकी मुस्कान दूसरों के चेहरे पे भी मुस्कान ला सकती है..।।

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