बुधवार, 27 मई 2026

शिकायत न करें..

जब आप किसी की शिकायत कर रहें होते है..
तब आप अपनी कमियों का ही इजहार कर रहें होते है..।
इसिलिय जब भी किसी की शिकायत करें..
तो सोच ले..
कंही आप अपने कमियों का तो इजहार नही कर रहें है..।।

वंही जब आप किसी की प्रसंशा कर रहे होते है..
तो अप्रत्यक्ष रूप से आप स्वयं को ही निखार रहें होते है..।।

दोनों ही परिस्थितियों में आप..
किसी के आंख के तारे..
तो किसी के आंख के कांटे..
बन जाते है..।।

तो क्या किसी की शिकायत नही करें..??
करें..
अगर आप उनके कमियों को दूर कर सकते है,
या फिर उनकी मदद कर सकते है तब..।।
अन्यथा मजे लेने के लिए..
या फिर दिल का बोझ हल्का करने के लिए नही करें..
तो फिर क्या करें..
उनकी प्रसंशा करें..
क्योंकि हरेक इंसान में..
अवगुण से ज्यादा गुण ज्यादा होता है..।
और हमें उनका सिर्फ एक ही अवगुण दिखता है..।।

आप खास हो..

कभी-कभी हम अक्सरहाँ उन चीजों के लिए बाहर भटकते रहते है..
जो चीज हमारे अंदर ही है..
उसे ढूंढने के लिए कितना प्रयत्न करते है..
मगर जब सही समय आता है..
वो चीज खुद व खुद प्रकट हो जाता है..।

इसिलिय सही वक्त का इंतजार करें..
जब जिस चीज की जरूरत होगी..
वो आपको जरूर मिलेगी..
बस आप अपने आप को योग्य बनाते रहें..।

कभी-कभी हम कुछ चीजों को जबरदस्ती हासिल कर लेते है..
जिसके लिए हम उस वक़्त योग्य नही होते..
जिस कारण वो चीज बोझिल लगने लगती है..।

आप जो चाहते है..
वो आपको जरूर मिलेगा..
बस अपने आप को तराशते रहें..
क्योंकि जब वो चीज आपके पास आये..
तो वो खुद को गौरवान्वित महसूस करें..।।

आप खास हो..
क्योंकि आप जैसा..
इस ब्रह्मांड में दूसरा कोई नही है..
इसिलिय आपकी जिम्मेदारी भी है..
की अपने आप को उस काबिल बनाये..
जिससे उस रचियता को भी गौरवान्वित होने का अवसर मिले..।
आप ख़ास हो..।।



मंगलवार, 26 मई 2026

खुद के लिए नियम बनाये..

खुद के लिए कुछ नियम बनाये..
हां,खुद के लिए..
कुछ ऐसे नियम बनाये..
जो सरल हो,सहज हो,सुगम हो,सहय हो और सार्थक हो..
अन्यथा नियम के बोझ में ही दब जायेंगें..
और वंही के वंही रह जायेंगें..।

जिंदगी में अगर बहुत आगे जाना हो,
बहुत कुछ पाना हो..
और जिंदगी को सार्थक बनाना हो..
तो खुद के लिए कुछ नियम बनाओ..
जो सरल हो,सहज हो,सुगम हो,सहय हो और सार्थक हो..
यही जिंदगी को नई दिशा देगी..
और यही नई दिशा..
जिंदगी को नई पहचान देगी..।

जिंदगी में अगर आगे बढ़ना हो..
तो खुद के लिए कुछ नियम बनाओ..
कुछ ऐसे छोटे-छोटे नियम बनाओ..
जिसे सहजता से पूरा कर पाओ..।

अगर जिंदगी के दौड़ में नियम आड़े आये..
तो उस नियम को तोड़ कर..
एक नया नियम बनाओ..
जो जिंदगी के दौड़ को पूरा कर पाए..।।

नियम हमें तबतक बांधती नहीं..
जबतक हम जिंदगी के दौड़ में आगे बढ़ रहे होते है..
नियम हमें तब बांधने लगती है..
जब जिंदगी में ठहराव आ जाये..
जब ऐसा महसूस हो..
तो उस नियम को तोड़ कर..
एक नया नियम बनाओ..
क्योंकि आप स्वयं ही अपना भाग्य विधाता है..
आप स्वयं ही अपना निर्माता है..।।





जिंदगी की वागडोर..

जो क्षण व्यर्थ गया उसके बारे में सोच कर..
क्यों व्यर्थ समय गवाना..।
जो समय बचा है..
उसे सार्थक बना कर..
क्यों न जिंदगी को सार्थक बनाये..।

अगर आप अपने जिंदगी को..
अपने लिए सार्थक नही बनाएंगे..।
तो आपके जिंदगी को..
कोई और..
अपने लिए सार्थक बनायेगा..।।

आप चाहे..
जिंदगी के जिस दौर में हो..
आपके पास हमेशा..
अपने जिंदगी का वागडोर संभालने का अवसर होता है..।
बस थोड़ा साहस..दृढ़ इच्छाशक्ति और कठिन परिश्रम
करने का जज्बा होना चाहिए..
तब,जिंदगी की वागडोर आपके हाथ मे होगा..।।





रूपांतरण

अक्सरहाँ जब हमें कोई वास्तविकता से अभिज्ञ कराता है..
तो हमें तकलीफ होती है..।
मगर कभी-कभी जो हमें..
वास्तविकता से अभिज्ञ कराते है..
वो हमारे जिंदगी को रूपांतरित कर देते है..।।



मगर आज कितने लोग है..??
जो वास्तविकता से अभिग कराने की जिम्मेदारियां निभाते है..
जो निभाते है..
वो हमारे नजर में हमारे विद्रोही बन जाते है..।
इसलिय आजकल लोग वास्तविकता से अभिग कराने की जिम्मेदारियां नही निभाते..।।
जिसका खामियाजा हमें ही भुगतना होता है..।।

जो मीलों दौड़ सकते थे..वो आज चल भी नही सकते..
जो दूसरों की जिंदगी रूपांतरित कर सकते थे..
वो आज खुद की जिंदगी भी रूपांतरित नही कर पा रहे है..।।

अक्सरहाँ जब हमें कोई वास्तविकता से अभिज्ञ कराता है..
तो हमें तकलीफ होती है..।
मगर कभी-कभी जो हमें..
वास्तविकता से अभिज्ञ कराते है..
वो हमारे जिंदगी को रूपांतरित कर देते है..।।

सोमवार, 25 मई 2026

मूवी: "मिलियन डॉलर बेबी" और अमेज़न प्राइम

कुछ दिन पहले यूट्यूब पे एक वीडियो दिखी उस वीडियो में एक व्यक्ति एक फ़िल्म के किरदार के बारे में बात कर रहा था..।
कैसे वो किरदार जिंदगी की शरुआत करता है,और कैसे उसका अंत होता है..।


मैं उनके बातों से और इस मूवी के किरदार से प्रभावित हुआ..क्योंकि शायद मैं भी जिंदगी से जूझ रहा हूँ..वैसे सब जूझ रहे है..सब का स्तर सिर्फ अलग-अलग है..😊।
मैं इस मूवी को यूट्यूब इंटरनेट पे ढूंढना शुरू किया शायद कोई फ्री का जुगाड़ लग जाये..।मगर कोई जुगाड़ नही लगा..अंत में मैंने अमेज़न प्राइम का सब्सक्रिप्शन लेने का सोचा वैसे मैंने सस्ती वाली सब्सक्रिप्शन लिया हूँ जिसमे डिलीवरी सिर्फ फ्री होती है..मैंने 1-2 रोज इग्नोर किया फिर सोचा सब्सक्रिप्शन लेने पर किंडल का बुक तो पढ़ ही पाऊंगा 2-4 बुक पढ़ लूंगा तो पैसा रिकवरी हो जाएगा..।
मैंने सब्स्क्रिप्शन किंडल पे बुक पढ़ने के लिए ही लिया..।
सब्सक्रिप्शन लिया और सबसे पहले वो मूवी देखी..।
जिस मूवी को देखने के लिए कुछ दिनों से बेचैन था..।

उस मूवी में एक लड़की का संघर्ष दिखाया गया है..जो 30 साल की है..और बॉक्सिंग करना चाहती है..वो रेस्टोरेंट में काम करती है..और प्लेट में बचे खाने अपने खाने के लिए रख लेती है..इस स्तर का संघर्ष था..अपने लिए जिस कोच का चयन करती है..वो कोच सीधे मना कर देता है कि मैं लड़की को नही सिखाता..मगर वो रोज उस जिम खाने में जाती है और प्रैक्टिस करती है..वो रात-रात भर प्रैक्टिस करती है,और रेस्टोरेंट में काम भी करती है..।
उस कोच का जो सबसे होनहार छात्र होता है,वो उसे छोड़ कर अपना दूसरा मैनेजर चुन लेता है..जिस कारण वो अपसेट होता है..उसके कानों में एक आवाज आती है..वो अपने सहयोगी से पूछता है ये किसका आवाज है..तो वो कहता है आज उसका जन्मदिन है..वो कोच उस लड़की के पास जाता है..और कहता है..सिर्फ मेहनत करने से कुछ नही होता,सही दिशा में मेहनत करने से परिणाम मिलता है..मैं लड़की को नही सिखाता मगर तुम्हें सिखाऊंगा..मगर मैं तुम्हारा मैनेजर नही बनूंगा..लड़की तैयार हो जाती है..।
उसकी कोचिंग कम्पलीट होता है,और उसे दूसरे मैनेजर को सोप दिया जाता है,जब रिंग में वो बॉक्सिंग कर रही होती है तो मैनेजर उसे अच्छे से गाइड नही कर रहा होता जिस कारण वो गुस्सा होता है..उसके सहयोगी उससे कहते है..यंहा खीजने से क्या होगा..तुम्ही उसे सही से गाइड कर सकते हो..वो बीच मैच में ही जाता है,और उस लड़की को गाइड करने लगता है,रेफरी कहता है आप इस तरह गाइड नही कर सकते..कोच कहता है मैं इसका मैनेजर हूँ. लड़की खुश होती है..।कोच कहता है सबसे पहला सबक है - खुद को सुरक्षित रखें..लड़की वो मैच जीत जाती है..इसके बाद एक के बाद एक कई मैच वो जीतती जाती है..वो बॉक्सिंग जगत में सबसे पॉपुलर हो जाती है..नाम,शोहरत सब कुछ उसे मिलता है,वो अपने जिंदगी के ऊंचाइयों पे होती है..।
एक मैच में उसका सामना उस समय के सबसे आक्रमक खिलाड़ी से होता है..1st राउंड में वो खिलाड़ी इसे मात देता है,मगर दूसरे राउंड मैं कोच कहता है,स्वयं को बचाओ और उसके दाहिने साइड वार करो..2nd राउंड में वो उसे पराजित कर देती है..जब वो जीत जाती है..तो वो अपने कॉर्नर पर आ रही होती है,तो,पीछे से वो खिलाड़ी इसके गले पर पंच मार देती है..और वो नीचे गिर जाती है..।उसका शरीर पैरालाइज हो जाता है..वो खुद से कुछ नही कर पाती..बेड पे लेटे-लेटे उसका पाँव सड़ने लगता है,डॉक्टर कहता है,इसका पाँव काटना पड़ेगा,उसका पाँव काट दिया जाता है..।
कोच ये सब देखता है,और अपने सहयोगी से कहता है,ये सब तुम्हारे कारण ही हुआ है,तुम्हारे कारण ही मैंने इसे ट्रेनिंग दी..और आज मैं कुछ नही कर सकता..वो खुद को असहाय महसूस करता है..।वो उसका देखभाल अपने बेटी की तरह करता है..
वो लड़की एकदिन कहती है..कोच आपने मुझे नई जिंदगी दी,मैंने जिंदगी में ढेर सारा शोहरत पाया..सब आपके कारण..मुझे माफ़ कर दीजिए..मैं खुद को सुरक्षित नही रख पाई..।कोच..आपने मुझे नया जिंदगी दिया..अब मुझे इस जिंदगी से भी छुटकारा दे दीजिए..मैं इस पीड़ा में और नही रहना चाहता..।
कोच उसकी बातों को सुनकर भावुक हो जाता है,और चर्च जाता है,हिम्मत जुटाता है..और उसे एक इंजेक्शन इंजेक्ट करता है,और उसके सपोर्ट सिस्टम को हटा कर चला जाता है..।।

ये मूवी वाकय में बेहतरीन थी..इस मूवी में जो संघर्ष और दुविधा दिखाई गई है,उससे हमसब रोज दो-चार होते है..
इस मूवी का नाम - "मिलियंस डॉलर बेबी" है..।


इस मूवी से मैंने क्या सीखा-
संघर्ष से मत भागे..बल्कि अपने सपनों के पीछे भागे..
आपका कठिन परिश्रम ही आपको परिणाम तक पहुचायेगा..
• हम जिससे भागते है, हो सकता है वही हमारे जिंदगी में सबसे बड़ा बदलाव लाये..
हमेशा खुद को सुरक्षित रखें.. हरेक परिस्थितियों में..।
• हम जैसा सोचते है,वैसा हमेशा नही होता..।
बुरे दौर में भी उन लोगों को शुक्रियदा करें जिसने आपके जिंदगी में बदलाव लाया है..।।

शनिवार, 23 मई 2026

सोशल मीडिया और मैं..

कभी-कभी खुद से पूछता हूँ मैं...
मैं कर क्या रहा हूँ..??
ये अक्सरहाँ तब पूछता हूँ मैं..
जब यू ही..
फेसबुक,इंस्टा स्क्रॉल कर रहा होता हूँ मैं..।
ये खुद से पूछते ही..
लॉगआउट करके निकल जाता हूँ मैं..।
मगर फिर..
जब कुछ नही सूझता..
तो फिर फेसबुक,इंस्टा स्क्रॉल कर रहा होता हूँ मैं..😊।

ये बुरा नही है..
जबतक आप इसका सदुपयोग करें..।
मगर कितने लोग सदुपयोग कर रहे है..??
सब तो उपभोग कर रहे है..।

कभी-कभी खुद से पूछता हूँ मैं...
मैं कर क्या रहा हूँ..??


लोग बदलते है..