बुधवार, 27 मई 2026

लोग बदलते है..

लोग बदलते है..??
इसमें कौन सी बड़ी बात है..
प्रकृति की बनाई हुई हर चीज समय-दर-समय बदल रही है..।

मगर..
मगर क्या..??
इंसान के गुण समय-दर-समय बदलते रहते है..
मगर प्रकृति के द्वारा बनाई हुई हरेक चीज अपने गुण को नही बदलती..।
क्यों..?
क्योंकि आप प्रकृति द्वारा निर्मित अन्य चीजों के साथ उतना वक़्त नही गुजारते..
इसिलिय आपको उनके गुणों के बदलाव का अहसास नही होता..।

आप समझ नही रहे हो..
मैं कहना क्या चाह रहा हूं..।
मैं सब समझ रहा हूँ..
आप जो कहना चाह रहे है..।

हम खुद बदल रहे है..
इसिलिय हमें दूसरों में बदलाव नजर आता है..
या फिर हम खुद को नही बदल रहें है..
इसिलिय दूसरों में बदलाव नजर आता है..।।

हम चाहते है..
लोग मुझसे वैसा ही व्यवहार करें..
जैसा कल कर रहें थे..
मगर क्या ये संभव है..
बिल्कुल नही..
क्योंकि आज उनके ऊपर जिम्मेदारियां बढ़ गई है..
आज उनकी परिस्थितियां बदल गई है..
तो फिर हम कैसे कह सकते है..
की वो आज भी मुझसे..
कल जैसा व्यवहार करें..।

आप खुद बदलिए..
और परिस्थितियों का मूल्यांकन कीजिये..
तब कुछ नही बदला नजर आएगा..।

वैसे आपके पास इतना समय है..
की आप लोगों को बदलते हुए देख पा रहें है.
अगर हां..
तो खुद को व्यस्त रखिये..
आपको कोई बदलाव महसूस नही होगा..।

जैसा सूरज,चाँद,तारे..
सबकुछ बदल रहे है..
मगर हमारे पास समय ही नही है,
उनके अवलोकन करने का..
इसीलिए वो हमें बदले हुए नजर नही आते..😊।

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लोग बदलते है..