गुम हो जाने की आदत है उनको..
यू ही रूठ जाने की आदत है उनको..।
मैंने भी इस बार तय कर लिया है..
कब तक रूठे रहते है..
देखता हूँ..
कब तक खोए रहते है..
देखता हूँ..।
कभी तो याद आएगी मेरी..
कभी तो उनकी अंगुलियां..
मोबाइल पे मेरा नाम सर्च करेंगी..।
या फिर कोई सपना मानकर भूल जाऊंगा उन्हें..।।
इससे और बेहतर क्या होगा..।
क्या उनका जिक्र कभी मेरी किताब में होगा की नही..
इसका तो पता नहीं..
मगर..
मेरे चेहरे पे कई दफा मुस्कान लाने के लिए..
शुक्रियादा तो जरूर करूँगा उनका..।।

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