जिंदगी बहुत अजीब है..
कल तक जो अच्छे थे,आज वो बुरे हो गए..
क्यों..??
क्योंकि वो आदमी पहचानने लगे..।।
क्या सच में कुछ लोग बुरे होते है..??
कुछ नही,सब बुरे होते है..।
बस अनुपात का फर्क है..।
आखिर कैसे अपनी बुराइयों को पहचाने..
●अगर आप किसी एक व्यक्ति की बुराई किसी एक व्यक्ति से करते है तो ठीक है..मगर जब आप कई व्यक्तियों की बुराई कई व्यक्तियों से करने लगते है..तब आप खुद..बुरे है..।।
●जब हम किसी एक गलती को छिपाने का प्रयास करते है तब ठीक है,मगर जब हम अक्सरहाँ गलतियां करके दूसरों को दोषारोपण करते है,तब बात गंभीर है..
●जब हमें हरेक चीज में नकारात्मकता दिखने लगे, तो नजरिया बदलने की जरूरत है..
●जब लड़ने से पहले ही हारने के डर हावी हो,तो खुद को तैयार करने का वक़्त है..।।
ना जाने और कई बुराइयां है,जो हमारे जीवन का हिस्सा बन जाता है और हमें पता तक नही चलता..
ऊपर के 3 बुराइयों पे काम करके आप अपने जिंदगी में सकारात्मक बदलाव ला सकते है..
अगर 3 नही कर सकते है तो सिर्फ तीसरे पर ही काम करें..
क्या जादू होता है..??
अगर आप 3सरे बिंदु पर काम करें तो आप अपने जिंदगी में हो रहे जादू को देखना शुरू कर देंगे...😊

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