मेरे हाथ थरथराते है..
और हृदय घबराता है..।
इसलिय नही की..
मैं गलत कर रहा हूँ..।
इसलिए कि..
कंही मेरी लेखनी, तुम्हें पसंद न आये..।
मैं जब तुम्हें कुछ कहना चाहता हूं..
तो मेरे लब थरथराते है,
और मेरा शरीर कंपकपाता है..।
इसलिए नही की मैं तुमसे डरता हूँ,
इसलिय की..
तुम मुझे देख के असहज न हो जाओ..।
मैं जब तुम्हारे करीब आता हूँ..
तो खुद को निर्जीव पाता हूँ..
इसलिय नही की..
मेरी सांसें रुक जाती है..।
इसलिय की..
मेरी सांसे तुमसे चल रही होती है..।
मैं जब तुम्हें..

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