गुरुवार, 18 दिसंबर 2025

धुंए से आग...

हममें से अक्सरहाँ लोगों को, शिकायत रहता है कि...
लोग मेरी सुनते नही,मुझे समझते नही या फिर लोग मुझसे दूर भागते है..??
कभी सोचा है आखिर क्यों..??

हममें से अक्सरहाँ लोगों ने ठंड में अलाव(आग) में हाथ सेका होगा
मगर क्या आपने एक चीज गौर किया है..
जब आग सुलगाई जाती है,तब उसमें से ढेर सारा धुंआ निकलता है,जब धुंआ निकल रहा होता है,तब उस अलाव(आग) के पास कोई नही जाता..ज्योहीं आग पकड़ लेती है, तो उस अलाव को सभी चारों और से घेर कर हाथ सेंकते है..।।


जीवन का भी यही दस्तूर है..।
जब आप संघर्ष कर रहे होते है तब आप उस अलाव की तरह होते है जो सिर्फ धुंआ ही फैला रहा होता है..
और ज्योहीं आप सफल होते है,त्योंही आप उस अलाव की तरह हो जाते है,जिसे सभी चारों ओर से घेरे होते है..।।

आप अपने जीवन में जब भी हताश और निराश हो तो उस धुँएदार अलाव को याद करें..आखिर कभी न कभी तो अलाव का धुआं खत्म तो होगा ही..
जो दूर भाग रहे थे वो खुद-व-खुद बिन बुलाए ही करीब आयेंगे..।।
इसीलिए हताश मत हो..
धुंआ निकल रहा है तो,आग पकडेगा ही...।।

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